दैनिक भास्कर हिंदी: सऊदी सरकार ने बढ़ाई रियाल की कीमत, हज यात्रा हुई महंगी, देने होंगे और आठ हजार रुपए

June 29th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  सऊदी अरब सरकार द्वारा रियाल की कीमत बढ़ाए जाने के कारण अब हज यात्रा महंगी हो गई है। यात्रियों को और सात से आठ हजार रुपए जमा करने होंगे। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने कहा है कि आठ हजार रुपए 10 जुलाई तक जमा करना अनिवार्य है। इस राशि का भुगतान सभी यात्रियों को अपनी श्रेणी के अनुसार करना होगा। 

हज कमेटी के अनुसार सऊदी रियाल की कीमत 17.6010 से बढ़ाकर 17.9106 रुपए तय कर दी गई है। इस कारण हज पर होने वाले विभिन्न मदों के खर्च में सऊदी सरकार द्वारा राशि बढ़ा दिए जाने से अब सभी यात्रियों को सात से आठ हजार रुपए और जमा करना होंगे। सेंट्रल तंजीम कमेटी के उपाध्यक्ष शाहिद नसीम खान ने बताया कि इस वर्ष हज यात्रा से भारत सरकार द्वारा सब्सिडी खत्म कर दिए जाने के कारण नागपुर से सीधे जेद्दा जाने वाले यात्रियों के लिए यह यात्रा पहले ही महंगी हो गई थी। अब रियाल की कीमत बढ़ने पर उन्हें बढ़ी हुई राशि का भुगतान करने पर यात्रा और महंगी पड़ेगी।

खान ने बताया कि बढ़ी हुई राशि सभी को 10 जुलाई तक हज कमेटी आॅफ इंडिया के भारतीय स्टेट बैंक या यूनियन बैंक आॅफ इंडिया के खाते में जमा करानी होगी। वह हज यात्री जिन्होंने कूपन से कुरबानी का विकल्प चुना है, उन्हें अब कुरबानी की कुल रकम 8,508 रुपए जमा करनी होगी। वह हज यात्री जिन्होंने जोहफा विकल्प चुना है तथा वह 1760 रुपए जमा कर चुके हैं उन्हें अब बढ़ी हुई रकम 31 रुपए और जमा करना है। ऐसे हज यात्री जिन्होंने पहले कभी भी हज किया है उन्हें सऊदी रियाल 2000 के हिसाब से से 35,821 रुपए जमा करना होगा। सेंट्रल तंजीम कमेटी के अध्यक्ष हाजी अब्दुल कदीर तथा सचिव हाजी मो. कलाम के मार्गदर्शन में मोमिनपुरा स्थित मोहम्मद अली सराय में हज सूचना केंद्र कार्यरत है।  अधिक जानकारी के लिए यात्री केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।

यात्रियों को जमा करनी होगी ये अतिरिक्त राशि 
ग्रीन कैटेगरी के यात्री जिन्हें रूबात की सुविधा नहीं मिली है 7,750रुपए लगेंगे। अजीजिया कैटेगरी के यात्री जिन्हें रूबात की सुविधा नहीं मिली है उन्हें 7,150 रुपए देने होंगे। ग्रीन कैटेगरी के यात्री जिन्हें मदीना रूबात की सुविधा मिली है उन्हें 8,350 रु., अजीजिया कैटेगरी के यात्री जिन्हें मदीना रूबात की सुविधा मिली है उन्हें 7,750 रु., केवल मक्का रूबात की सुविधा मिली है उन्हें देने होंगे 6,350 रु. और मक्का एवं मदीना में रूबातों की सुविधा जिन्हें मिली है उन्हें 6,950 रु. देने होंगे।

अब्दुल अमानी कुरैशी मक्का वालंटियर बन कर जाएंगे
सामाजिक कार्यकर्ता अब्दुल अमानी कुरैशी का चयन आईएफएफ के हज वालंटियर सर्विस इंडियन पिलग्रीम ने वालंटियर के रुप में किया है। तीन माह की सेवा हेतु कुरैशी को चयनित किया गया है। हज यात्रा के दौरान वे मक्का, मीना और आशफात में हाजियों की खिदमत करेंगे।