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हाईकोर्ट : निजी लैब की रिपोर्ट को नहीं मान रही मनपा, बीएमसी-सरकार से जवाब तलब    

हाईकोर्ट : निजी लैब की रिपोर्ट को नहीं मान रही मनपा, बीएमसी-सरकार से जवाब तलब    

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने निजी अस्पताल और लैब की कोरोना मरीज न होने की रिपोर्ट अस्वीकार किए जाने के मुद्दे को लेकर दायर याचिका पर राज्य सरकार व मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) से जवाब मांगा है। इस विषय पर मुंबई निवासी सारिका सिंह ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में दावा किया गया कि निजी अस्पतालों में सामान्य मरीजों को (जो कोरोना संक्रमित नहीं हैं) भर्ती नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा निजी अस्पताल लॉकडाउन का फायदा उठाकर मरीजों से अधिक पैसे ले रहे हैं। यदि निजी अस्पताल व लैब किसी के कोरोना बाधित नहीं होने की रिपोर्ट जारी करते हैं, तो मुंबई महानगरपालिका उसे स्वीकार नहीं करती है और लोगों को फिर चेकअप कराने के लिए कहा जाता है। 

मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता की खंडपीठ के सामने याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान सरकारी वकील पूर्णिमा कंथारिया व मुंबई मनपा की वकील ने कहा कि उन्हें याचिका में उठाए गए मुद्दे पर निर्देश लेने के लिए समय दिया जाए। इस पर खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई 22 मई तक के लिए स्थगित कर दी। इस दौरान खडपीठ ने कहा कि यदि अगली सुनवाई के समय मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त अदालत में रहे, तो याचिका में उठाए गए मुद्दे के निपटारे के लिए काफी लाभदायक होगा। याचिका में कहा गया कि पिछले दिनों एक कांस्टेबल निजी अस्पताल में इलाज के लिए गया था, तो उससे दो लाख रुपए मांगे गए थे। शिकायत के बाद यह रकम कम की गई थी। 

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