comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

एलर्जी को नजरअंदाज करना घातक , हो सकती है कई तरह की गंभीर समस्या

एलर्जी को नजरअंदाज करना घातक , हो सकती है कई तरह की गंभीर समस्या

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  एलर्जिक राइनाइटिस को गंभीरता से नहीं लिया जाना गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर सकती हैं। यहां तक कि नवजात शिशु में इस समस्या को नजरअंदाज करने से बाद अस्थमा और ब्रॉनकाइटिस होने की आशंका 30 फीसदी तक बढ़ जाती है। दुनिया भर में 20 से 30 फीसदी लोगों में एलर्जी के लक्षण मिलते हैं। यह जानकारी डॉ. सुबीर जैन ने एआेआईसीओएन- 2020 में लेटेस्ट मैनेजमेंट ऑफ एलर्जिक राइनाइटिस पर आयोजित चर्चासत्र में व्यक्त किए। संचालन डॉ. सुबीर जैन ने किया और पैनल में डॉ. असीम देसाई, डॉ. रूपाली जैन, डॉ. सुनीता शुक्ला, डॅा. सारिका जैन, डॉ. आनंद पेनडुरकर और डॉ. विक्रम खन्ना शामिल थे। सत्र में चेयर पर्सन के रूप में विरल छाया और हरितोष वेलेन्कर उपस्थित थे।

एयर प्यूरीफायर से सकती है समस्या
चर्चा सत्र के दौरान डॉ. आनंद पेनडुरकर ने बताया कि घरों में एयर प्यूरीफायर का उपयोग बढ़ रहा है। इससे कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने घर को साफ रखने की जरूरत है न कि जीवाणुमुक्त करने की। कई तरह के जीवाणु जरूरी भी होते हैं। 

क्या है एलर्जिक राइनाइटिस 
नाक में होने वाली एलर्जी को एलर्जिक राइनाइटिस कहते हैं। लगातार छींकें आना, नाक से तरल पदार्थ बहना,  नाक, आंख, में खुजली होना सिर दर्द की शिकायत हो सकती है। 

क्या हों सावधानियां
इस तरह की एलर्जी और धूल व धुंए से बचने के लिए मास्क का प्रयोग करना चाहिए। तापमान में अचानक परिवर्तन होने पर बचाव करना चाहिए।  घर के पर्दे, चादर, बेडशीट व कालीन को नमी से बचाने के लिए समय-समय पर इन्हें धूप में रखना चाहिए।

एओआईसीओएन-2020 शामिल हुए 2200 डॉक्टर
नागपुर में आयोजित एओआईसीओएन-2020 सम्मेलन में देश-विदेश के 2200 डॉक्टर शामिल हुए हैं। इसमें कान, नाक और गले से संबंधित बीमारियों के विशेषज्ञ शामिल हैं। सम्मेलन के पहले दिन विशेषज्ञों ने 15 जटिल ऑपरेशन किए। इनमें कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी, थायराइल कैंसर सर्जरी, नाक की प्लास्टिक सर्जरी, ओरल कैंसर की सर्जरी शामिल हैं। सम्मेलन के दूसरे दिन सुबह 9 बजे से सेशन शुरू हुए। 50 से ज्यादा विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने पेपर्स समिट किए और पैनल डिस्कशन में नवीनतम तकनीकों पर चर्चा हुई।

सम्मेलन का समापन 12 जनवरी को होगा। एसोसिएशन ऑफ ऑटोलैरिन्गोलॉजिस्टस इंडिया और विदर्भ की ओर से आयोजित सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. मदन कापरे और सचिव डॉ. नंदू कोलवाडकर हैं। विदेश से भी कई विशेषज्ञ सम्मेलन में शिरकत किए हैं। इनमें डॉ. संतदीप पॉन, डॉ. नील टॉली, डॉ. राबर्ट व्हीसेंट, डॉ. ग्रेगरी रैन्डॉल्फ, डॉ. सबैस्टीयन हैक, डॉ. मतीन अल खबूरी प्रमुख हैं। सम्मेलन में कान, नाक और गला से संबंधित बीमारियां, उनके उपचार संबंधी विषयों पर मार्गदर्शन किया जा रहा है। इनमें जन्मजात बहरापन, स्वरदोष, विभिन्न प्रकार की एलर्जी, चक्कर, नाक की प्लास्टिक सर्जरी, लार ग्रंथि से संबंधित बीमारियों के उपचार संबंधी मार्गदर्शन प्रमुख हैं।
 

कमेंट करें
ju1Xc
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।