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गड्‌ढे पाटने फौरन कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट को देना होगा जवाब, मनपा आयुक्त को होना होगा हाजिर

गड्‌ढे पाटने फौरन कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट को देना होगा जवाब, मनपा आयुक्त को होना होगा हाजिर

डिजिटल डेस्क,नागपुर। शहर की सड़कों पर गड्ढों की समस्या पर केंद्रित सू-मोटो याचिका पर  सुनवाई जारी रही है। पूर्व की ही तरह न्यायमूर्ति जेड.ए.हक और न्यायमूर्ति पुष्पा गनेडीवाला की खंडपीठ ने इस बात पर जोर दिया कि यदि सड़क पर कहीं भी गड्ढा है, तो मनपा के संंबंधित अधिकारियों को उसे तुरंत भरना चाहिए। हादसा होने का इंतजार नहीं करना चाहिए। इसके लिए तो मनपा को भी स्वतंत्र रूप से ई-मेल आईडी, वाट्सएप नंबर और ट्विटर हैंडल जारी करने चाहिए, ताकि नागरिक आसानी से शिकायत कर सके। मनपा को भी इस पर एक तय सीमा पर कार्रवाई करनी चाहिए, नहीं करने पर अधिकारियों-ठेकेदारों पर आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए। इस पर हाईकोर्ट ने मनपा से ठोस उत्तर मांगा है। जवाब नहीं देने पर मनपा आयुक्त को स्वयं कोर्ट में उपस्थित रहने को कहा गया है।

शिकायत पर तुरंत कार्रवाई 

ट्रैफिक पुलिस उपायुक्त चिन्मय पंडित ने अपना शपथपत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने हाईकोर्ट को बताया कि सड़क पर गढ्ढ़ों की शिकायत करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने dcptrafficnagpur@gmail.com नामक ईमेल, @trafficngp नामक ट्विटर हैंडल और  9011387100 वाट्सएप नंबर जारी किया है। नागरिक यहां  गड्ढों से जुड़ी शिकायत भेज सकते हैं। शिकायत को संबंधित विभाग को फॉरवर्ड किया जाएगा, कोई सुधार नहीं होने पर भादवि धारा 217 और 283 के तहत जिम्मेदार व्यक्ति पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस ने मनपा को सड़क बनाने वाले ठेकेदारों और संबंधित जूनियर इंजीनियरों के बारे में जानकारी मांगी है। मामले में जांच के बाद आपराधिक मामले दर्ज करने पर निर्णय लिया जाएगा। न्यायालयीन मित्र एड. राहिल मिर्जा ने सुनवाई में इस बात पर जोर दिया कि पुलिस स्वयं भी  गड्ढों के लिए जिम्मेदार अधिकारी-ठेकेदारों पर आपराधिक मामला दर्ज कर सकती है।

खराब सड़कों के लिए मनपा जिम्मेदार

मामले में अजय तिवारी ने मध्यस्थी अर्जी दायर की है। मंगलवार को उनके अधिवक्ता एड. एम.अनिलकुमार ने मुद्दा उठाया कि सड़क पर जगह जगह गड्ढे इसलिए हैं, क्योंकि सड़कों का निर्माण निर्धारित मानकों को ध्यान में रखते हुए नहीं किया गया है। हमारी सड़कें तकनीकी रूप से फिट नहीं हैं। इसके लिए मनपा जिम्मेदार है, जिसने सड़क निर्माण के वक्त उनकी गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया। मामले में बुधवार को सुनवाई होगी।
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।