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 रेत खदानों पर वर्चस्व बढ़ाने प्रदेश के बड़े सिंडीकेट छिंदवाड़ा आने की तैयारी में

 रेत खदानों पर वर्चस्व बढ़ाने प्रदेश के बड़े सिंडीकेट छिंदवाड़ा आने की तैयारी में

डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा। रेत खदानों को हासिल करने के लिए पूरे प्रदेश में उठापठक मची हुई है।  जिले की 58 खदानें इस नीलामी में रखी गई है। इनमें से अधिकांश खदानें ऐसी है जिन्हें रेत ठेकेदार सोने की खदान से कम नहीं आंकते हैं। दरअसल, संतरांचल की इन खदानों से निकलने वाली  ए क्वालिटी की रेत महाराष्ट्र में मनमाने दामों पर बिकती है। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही नए ठेकेदारों ने भी रेत में रुचि दिखाई है ऐसे में बदलते समीकरण के बीच नए और पुराने रेत ठेकेदारों के बीच जमकर रस्साकसी मची हुई है। जिले की 58 खदानों को हासिल करने के लिए प्रदेश के अलग-अलग जिलों के बड़े ठेकेदार खनिज निगम के अधिकारियों से संपर्क कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि स्थानीय ठेकेदार तो पहले से ही इन खदानों पर नजर गढ़ाए बैठे हैं। इन नए ठेकेदारों के साथ-साथ सत्ता का एक गुट भी इन खदानों को लेने की रुचि पहले ही जाहिर कर चुका है। 26 नवंबर तक ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत इन खदानों का ई-ऑक्शन होना है उसके पहले सभी ठेकेदार इन खदानों से निकलने वाली रेत और फायदे का आंकलन करने में जुटे हुए हैं।
इस बार पावर निगम को
स्थानीय स्तर पर अधिकारियों से रेत खदानों को नीलाम किए जाने का पावर छीनते हुए नई सरकार ने खनिज निगम को ही नीलामी के तमाम अधिकार दिए हैं। इसके पहले जिला प्रशासन खदानों की नीलामी करवाया करता था लेकिन अब प्रदेश की सभी खदानों की नीलामी एक सेंटर पाइंट के माध्यम से होगी। खनिज विकास निगम के अधिकारी ही तमाम खदानों की नीलामी करवाएंगे।
 

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