दैनिक भास्कर हिंदी: दीवार फांदकर अंदर घुसे आयकर अधिकारी, बंद फैक्ट्री में चल रहा था सिगरेट का अवैध उत्पादन

January 3rd, 2019

डिजिटल डेस्क, पांढुर्ना/छिंदवाड़ा। आयकर अधिकारियों की टीम ने गुरुवार को फिल्मी अंदाज में नागपुर-भोपाल नेशनल हाइवे पर ग्राम राजना के समीप बंद पड़ी ऐरोमा प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड नामक सिगरेट फैक्टरी में दबिश दी। यहां रोक के बावजूद चल रहे अवैध कामकाज का आयकर टीम ने खुलासा किया है।

इसके पूर्व जांच करने जब आयकर विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तो कंपनी के बाहर मौजूद गार्ड ताला बंद रहने और कामकाज नहीं होने की बात कहता रहा। संदेह होने पर अधिकारियों ने घेराबंदी करते हुए दीवार कूदकर कंपनी में प्रवेश किया तो उनकी आंखें फटी की फटी रह गई। यहां मजदूर काम करते पाए गए।

सेंट्रल एक्साइज, जीएसटी ने लगाई थी रोक
उल्लेखनीय है कि जुलाई माह में इस सिगरेट फैक्टरी में अवैध रूप से करोड़ों की सिगरेट के उत्पादन का मामला सामने आने के बाद सेंट्रल एक्साइज, जीएसटी और स्थानीय पुलिस की टीमों ने संयुक्त कार्रवाई कर यहां उत्पादन पर रोक लगाते हुए कंपनी को सील कर दिया था। कुछ दिनों तक कंपनी बंद रही पर बीते कुछ दिनों से यहां हलचल दिखने लगी थी। दो गाड़ियां रोजाना कंपनी के बाहर पहुंचती थी, कुछ लोग भी कंपनी के अंदर जाते थे और कंपनी के गार्ड कंपनी के बंद रहने का हवाला देकर लोगों को वापस कर देते थे। गुरुवार को आयकर अधिकारियों ने यहां कार्रवाई करते हुए अवैध सिगरेट उत्पादन का एक बार फिर भांडाफोड़ किया।

मुंबई, इंदौर और भोपाल की टीम एक साथ पहुंची
गुरुवार को मुंबई, इंदौर और भोपाल रीजन के आयकर अधिकारी छह गाड़ियों में कार्रवाई करने एक साथ कंपनी पहुंचे थे। इस दौरान अधिकारियों ने पांढुर्ना पुलिस टीम की भी मदद ली।

नागपुर स्थित निवास पर भी पड़ा छापा
जिस दौरान आयकर अधिकारी सिगरेट कंपनी में कार्रवाई कर रहे थे, उसी दौरान अधिकारियों की एक अन्य टीम ने कंपनी के डायरेक्टर जैनेन्द्र पिता नवीनचंद सोलंकी के नागपुर स्थित निवास पर छापा मारा, जहां  कंपनी संचालन संबंधी दस्तावेजों की जांच की। अधिकारियों के अनुसार ऐरोमा प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड नामक इस फैक्टरी के मालिक स्नेहल पिता अजीत पटेल अहमदाबाद में रहते हैं। कंपनी में छापामारी के दौरान एक मैनेजर सहित 17 स्किल वर्कर और चार-पांच मजदूर कंपनी के भीतर काम करते मिले। अधिकारियों ने मशीनें बंद कराकर तत्काल काम पर रोक लगा दी। इसके अलावा अधिकारियों ने फिलहाल कार्रवाई से जुड़ी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की।