दैनिक भास्कर हिंदी: जिला अस्पताल में इलाज के लिए तड़पता रहा मासूम, नहीं पहुंचे डॉक्टर, नागपुर किया रेफर

November 9th, 2019


डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा। जिला अस्पताल में शनिवार दोपहर एक बार फिर विवाद की स्थिति निर्मित हुई। इस बार इलाज के लिए तड़पते बच्चे के परिजन व परिचितों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा मचाया। गंभीर रुप से घायल बच्चे को इलाज देने इमरजेंसी डॉक्टर को कॉल पर बुलाया गया था लेकिन एक घंटे तक डॉक्टर नहीं आए। जिससे आक्रोशित परिजनों ने ट्रामा यूनिट में जमकर हंगामा मचाया। हंगामें की सूचना मिलने पर अस्पताल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।
खापाभाट निवासी अजय मंडराह ने बताया कि खापाभाट में निगम द्वारा बिछाई जा रही पाइप लाइन के पाइप रखे है। शनिवार दोपहर मोहल्ले के बच्चे यहां खेल रहे थे। इस दौरान एक पाइप फिसलकर आठ वर्षीय वाशु पिता जितेन्द्र सोनेकर पर आ गिरा। पाइप में दबने से वाशू गंभीर रुप से घायल हो गया था। वाशू के कान और मुंह से खून बह रहा था। जिसे इलाज के लिए  जिला अस्पताल लाया गया। यहां एक घंटे तक इमरजेंसी डॉक्टर नहीं आए। इस दौरान बच्चा दर्द से तड़पता रहा। हंगामें के काफी देर बाद आए डॉक्टर ने हालत गंभीर होने पर उसे नागपुर रेफर कर दिया।
पाइप हटाकर बचाई जान-
पाइप के नीचे दबे वाशु की चीख सुनकर आसपास के लोगों ने पाइप हटाकर उसे बाहर निकाला। पाइप के नीचे दबने से वाशु के सिर पर गंभीर चोट और नाक की हड्डी भी टूट गई है। आनन-फानन में लोगों ने बच्चे को जिला अस्पताल लाया।
सीटी स्केन के लिए आधा घंटे का इंतजार-
अजय मंडराह ने बताया कि वाशू को जब सीटी स्केन के लिए ले जाया गया तो वहां भी आधा घंटे परेशान होना पड़ा। गरीबी रेखा का कार्ड होने के बाद भी 933 रुपए देना पड़ा। तब कहीं सीटी स्केन की रिपोर्ट दी गई।
पहले भी चिकित्सक व स्टाफ से हो चुकी मारपीट-
शनिवार को हुए विवाद के दो दिन पहले भी ट्रामा यूनिट और गायनिक वार्ड में मरीज के परिजनों ने हंगामा मचाते हुए चिकित्सक से विवाद किया था। ट्रामा यूनिट में चिकित्सक और स्टाफ के साथ मारपीट की गई थी। विवाद में एम्बुलेंस चालक को गंभीर चोटें आई थी। इसी तरह एक मरीज के परिजनों ने गायनिक मेें महिला चिकित्सक से विवाद करते हुए मारपीट की थी।