मुंबई में अगले साल होगा आपदा प्रबंधन पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 

International Conference on Disaster Management will held next year in Mumbai
मुंबई में अगले साल होगा आपदा प्रबंधन पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 
मुंबई में अगले साल होगा आपदा प्रबंधन पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। आपदा प्रबंधन पर चर्चा और अनुसंधान के लिए होने वाला सम्मेलन आईआईटी मुंबई में आयोजित किया जाएगा। अगले साल 29 जनवरी से 1 फरवरी के बीच आयोजित होने वाला यह सम्मेलन ‘फ्यूचर वी वांट-ब्रिजिंग गैप बिटवीन प्रामिसेस एंड एक्शन’ की संकल्पना पर आधारित होगा। इस मुद्दे पर आयोजित की जाने वाली यह चौथी बैठक है। महाराष्ट्र सरकार कार्यक्रम की मुख्य संयोजक है। इसमें सौ से ज्यादा देशों के 15 सौ प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है।

29 जनवरी से 1 फरवरी के दौरान आईआईटी पवई में होगा आयोजन

सम्मेलन के लिए गठित संचालन समिति की बुधवार को मंत्रालय में पहली बैठक हुई जिसकी अध्यक्षता राहत व पुनर्वसन मंत्री चंद्रकांत पाटील ने की। इस दौरान मुख्य सचिव दिनेशकुमार जैन, राहत व पुनर्वसन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव मेधा गाडगील, आपदा प्रबंधन विभाग के संचालक दौलत देसाई और आपदा प्रबंधन पहल व अभिसरण सोसायटी के सलाहकार और पूर्व केंद्रीय सचिव पीजी धार चक्रवर्ती समेत कई अधिकारी उपस्थित थे।

सौ से ज्यादा देशों के 1500 प्रतिनिधि लेंगे हिस्सा 

महाराष्ट्र सरकार के साथ-साथ आईआईटी मुंबई, डीएमआयसीएस, टाटा सामाजिक संस्था इस सम्मेलन की सह आयोजक है। इस वैश्विक सम्मेलन में देशभर के विभिन्न राज्य सरकारों, स्थानीय स्वराज संस्थाओं के प्रतिनिधि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (यूनिसेफ), संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रतिनिधि, आपदा प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाएं, विश्वविद्यालयों शैक्षणिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, शोधकर्ता और विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे। इस मौके पर आपदा प्रबंधन से जुड़े तरीके भी प्रदर्शित किए जाएंगे। अलग-अलग सत्रों में आठ मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। आगामी 10 सितंबर से 31 अक्टूबर के बीच इस विषय पर शोध और निबंध भी मंगाया जाएगा। राहत व पुनर्वसन मंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा कि आपदा प्रबंधन के मामले में महाराष्ट्र ने कुछ अच्छे काम किए हैं इस सम्मेलन के जरिए इन कामों को दुनिया तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही दूसरे देशों में हो रहे अच्छे काम से हम कुछ सीखने की कोशिश करेंगे। आपदा प्रबंधन के दौरान खतरों से किस तरह निपटा जाए इस विषय पर विचार विमर्श किया जाएगा। 

Created On :   5 Sep 2018 5:02 PM GMT

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