दैनिक भास्कर हिंदी: छग के आईपीएस ने गड़चिरोली में समझी कमांडो रणनीति

April 26th, 2018

डिजिटल डेस्क , गड़चिरोली।  नक्सलियों से हर मोर्चे पर पिछड़ रही छत्तीसगढ़ पुलिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारी अपनी विफलता के कारण ढूंढने और गड़चिरोली के सी-60 कमांडो की तकनीक जानने गड़चिरोली पहुंचे। नारायणपुर जिले के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह समेत 4 आईपीएस अधिकारियों ने यहां आकर सफल अभियानों की बारीकियां समझीं। बता दें कि गड़चिरोली के सी-60 दल के जवानों ने ऑपरेशन कसनासुर और राजाराम में बड़ी सफलता पाते हुए 39 नक्सलियों को ढेर कर दिया। गड़चिरोली के मुकाबले छत्तीसगढ़ में नक्सलग्रस्त क्षेत्र (सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, जगदलपुर, कांकेर, नारायणपुर, बस्तर)  अधिक हैं।

इसलिए वहां आए दिन नक्सली घटनाएं होती रहती हैं। ऐसा नहीं है कि छत्तीसगढ़ के पुलिस इंटेलिजेंस के पास नक्सलियों की सटीक जानकारी नहीं होती, पर वहां नक्सलियों को करारा जवाब देने में पुलिस नाकाफी साबित हो रही है। सारी जानकारियां होने के बावजूद विफलता मिलने और गत 72 घंटे में गड़चिरोली पुलिस को मिली बड़ी सफलता के कारण टटोलने के उद्देश्य से ही छत्तीसगढ़ के आईपीएस रैंक के अधिकारी यहां पहुंचे हैं। 

और दो नक्सलियों के मिले शव
गड़चिरोली के कसनासुर जंगल में मुठभेड़ के बाद बुधवार को और दो नक्सलियों के शव इंद्रावती नदी से निकाले गए। मंगलवार को 15 नक्सलियों के शव नदी से बाहर निकाले गए थे। मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की संख्या अब 39 हो गई है।

इधर नागनडोह जंगल में पुलिस-नक्सली मुठभेड़
इधर गोंदिया के केशोरी पुलिस थानांतर्गत  नागनडोह जंगल परिसर में सी-60 के जवानों और जंगल में छुपे नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में कुछ नक्सलियों के घायल होने की जानकारी है। हालांकि पुलिस प्रशासन द्वारा इसकी अब तक पुष्टि नहीं की गई है।  पुलिस को नागनडोह जंगल परिसर में कुछ नक्सलियों के छुपे होने की गुप्त जानकारी मिलने पर सी-60 जवानों की टुकड़ी ने सर्च अभियान शुरू किया। नक्सलियों द्वारा दल पर अचानक फायरिंग की गई। सी-60 के जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की। फायरिंग में पुलिस का कोई जवान जख्मी नहीं हुआ। वहीं प्राप्त जानकारी के अनुसार तीन से चार नक्सलियों के घायल होने की जानकारी है। घटना के बाद नक्सली घायल साथियों को लेकर फरार हो गए।