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कमलेश तिवारी हत्याकांड के नागपुर से जुड़े तार, एक गिरफ्तार

कमलेश तिवारी हत्याकांड के नागपुर से जुड़े तार, एक गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क, नागपुर। हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्या मामले में जांच जारी है, इस मामले के तार लखनऊ से नागपुर तक जुड़ चुके हैं। अभी तक पांच लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। SIT ने रविवार को लखनऊ में एक होटल के कमरे की तलाशी के दौरान लवारिस बैग और भगवा रंग का कुर्ता बरामद किया है। जिसकी जांच शुरू कर दी है। इससे पहले शनिवार को एटीएस की नागपुर टीम ने तिवारी हत्याकांड में गिट्टीखदान के जाफर नगर क्षेत्र से एक युवक को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार युवक का नाम सैयद असीम अली (29) है। सूत्रों ने बताया कि इस व्यक्ति को हत्यारों ने हत्या के बाद फोन पर कहा था कि काम हो गया है। सैयद के खिलाफ एटीएस ने काफी गोपनीय तरीके से कार्रवाई की। स्थानीय पुलिस को भी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। सैयद को हत्याकांड के मास्टर माइंड राशिद की निशानदेही पर पकड़ा गया है। इससे पहले घटनास्थल पर मिले मिठाई के डिब्बे के आधार पर लखनऊ से करीब 1250 किमी दूर सूरत से एटीएस गुजरात ने मौलाना मोहसिन सलीम शेख, फैजान यूनुस भाई जिलानी और राशिद पठान को गिरफ्तार किया। उत्तर प्रदेश पुलिस ने बिजनौर से दो मौलानाओं को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस ने तिवारी हत्याकांड की गुत्थी 24 घंटे में सुलझाने का दावा किया है। डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद पर 2015 में दिए विवादित बयान की वजह से तिवारी की हत्या की गई है। सूत्रों के अनुसार, हत्या की साजिश दो महीने पहले दुबई में रची गई थी। दुबई में रह चुका राशिद कम्प्यूटर का जानकार है और आजकल दर्जी का काम करता है। माैलाना माेहसिन सलीम शेख के उकसाने पर ही 23 साल के राशिद ने साजिश रची थी। फैजान यूनुस सूरत की दुकान से मिठाई खरीदते वक्त सीसीटीवी कैमरे में कैद हाे गया था। इसी दुकान का मिठाई का डिब्बा तिवारी के शव के पास मिला था। उसके बाद माैलाना माेहसिन काे पकड़ा गया।

तिवारी के बेटे को सरकारी नौकरी और परिवार को घर देने की सिफारिश

लखनऊ मंडल के कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने तिवारी के बड़े बेटे को आत्मरक्षा के लिए लाइसेंसी हथियार मुहैया कराने की बात कही है। उन्होंने कहा, ‘उसके लिए नौकरी की भी सिफारिश की जाएगी और आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाएगी।’ मुकेश मेश्राम ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को पीड़ित परिवार से मिलेंगे। जिला प्रशासन ने परिवार के लिए सरकारी आवास की सिफारिश की है।

सुन्नी यूथ विंग का संस्थापक है सैयद

सैयद जाफर नगर गिट्टीखदान में हार्डवेयर का बिजनेस करता है। वह कट्टर बरेलवी मुस्लिम है और सूफीवाद की विचारधारा का प्रसार करता है। वह वहाबियों और देवबंदियों के खिलाफ पर्चे जारी करता था। सैयद ने  कमलेश तिवारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था और चेतावनी भी जारी की थी जो यूट्यूब पर उपलब्ध है। वह सुन्नी यूथ विंग, एंटी टेररिस्ट संगठन का संस्थापक नेता है। जिनके बारे में दावा किया जाता है कि वे पूरे देश में फैले हुए हैं। वह डेमोक्रेटिक फ्रंट का नेता भी है।

मिठाई के डिब्बे में पिस्तौल रखकर सूरत से लखनऊ पहुंचे हत्यारे

सूत्राें के अनुसार, राशिद ने ही अशफाक और मोइनुद्दीन नाम के शूटर को तिवारी की हत्या की सुपारी दी थी। पुलिस के अनुसार दोनों हत्यारों ने 16 अक्तूबर को सूरत से मिठाई खरीदी और उसके डिब्बे में पिस्तौल रखकर ट्रेन से लखनऊ पहुंचे। हालांकि, दाेनाें हत्यारे अभी पकड़ में नहीं आए हैं। ये दोनों भगवा कपड़ों में तिवारी को मारने उनके ऑफिस पहुंचे थे। डीजीपी ने कहा कि उन्हें जल्द पकड़ लिया जाएगा। वारदात में अभी किसी आतंकी संगठन के शामिल होने के सबूत नहीं मिले हैं।

कमलेश तिवारी की मां ने भाजपा नेता पर लगाया हत्या का आराेप

कमलेश तिवारी की मां ने सीतापुर के भाजपा नेता शिव कुमार गुप्ता पर हत्या का अाराेप लगाया है। उन्हाेंने कहा कि भाजपा नेता अपराधी किस्म का है और उस पर 500 से ज्यादा मुकदमे हैं। तिवारी के परिवार ने कहा कि एक मंदिर काे लेकर चल रहे विवाद के कारण शिव कुमार ने ही हत्या करवाई है। तिवारी के बेटे सत्यम ने कहा कि वह पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं है। इसलिए जांच एनआईए से कराई जानी चाहिए।

तिवारी पर डेढ़ कराेड़ रुपए का इनाम रखने वाले दो माैलाना गिरफ्तार

कमलेश तिवारी की पत्नी किरण ने उत्तरप्रदेश के बिजनाैर के दाे माैलानाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। इन मौलानाओं ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ दिए गए विवादित बयान काे लेकर तिवारी का सिर काटने पर डेढ़ कराेड़ रुपए का इनाम रखा था। पुलिस ने माेहम्मद मुफ्ती नईम काजमी और इमाम माैलाना अनवारुल हक काे गिरफ्तार कर लिया है। इनसे भी गहन पूछताछ की जा रही है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।