दैनिक भास्कर हिंदी: बच्चे की इच्छा पर पिता से मुलाकात की अनुमति को हाईकोर्ट ने लिया वापस 

May 4th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। सोलह साल के बच्चे ने जब खुद ही अपने पिता से मिलने से इंकार किया तो बांबे हाईकोर्ट ने भी पिता को बच्चे से मिलने के लिए दी गई अनुमति को वापस ले लिया। हाईकोर्ट ने बच्चे के हित को ध्यान में रखते हुए यह आदेश दिया है। बच्चे की मां ने अदालत में याचिका दायर कर मांग की थी कि पिता को बच्चे से मिलने से रोका जाए। आवेदन में यह मांग भी था कि पिता को बच्चे से मिलने को लेकर दी गई अनुमति के आदेश में बदलाव किया जाए और पिता को फिलहाल बच्चे से मिलने से रोका जाए।

जस्टिस अकिल कुरेशी व जस्टिस सारंग कोतवाल की बेंच के सामने बच्चे की मां की ओर से दायर आवेदन पर सुनवाई हुई। आवेदन में कहा गया था कि पिता ने एक मुलाकात के दौरान बच्चे की पढ़ाई व बौध्दिकता को लेकर कठोर टिप्पणी की थी। मुलाकात के दौरान पिता ने बच्चे का बैग भी चेक किया था। पिता के इस व्यवहार से बच्चा काफी आहत व हतोत्साहित हुआ था। इसलिए पिता को बच्चे से मिलने से रोका जाए। 

जवाब में पिता की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने कहा कि मेरे मुवक्किल को आशंका थी कि कहीं बैग में कोई रिकार्डर तो नहीं है। इसलिए मेरे मुवक्किल ने बच्चे का बैग देखा था। इसके अलावा मेरे मुवक्किल ने अपने बेटे के शैक्षणिक विकास को लेकर कुछ बातें कही थी। बच्चे की मां नहीं चाहती है कि पिता-पुत्र के संबंधों में प्रगाढ़ता आए इसलिए वह बच्चे को सिखा-पढ़ाकर मिलाने के लिए लाती है। मामले से जुड़े दोनों पक्षों को सुनने व बच्चे से मुलाकात के बाद बेंच ने कहा कि बच्चा परिस्थिति को समझ रहा है, लेकिन वह फिलहाल पिता के साथ बीती मुलाकात को लेकर खुश नहीं है। बच्चे ने कहा है कि उसे अपने पिता से मिलने के लिए जोर न दिया जाए।

ऐसे में बच्चे की इच्छा के विरुद्ध पिता से मिलने के लिए कहना ठीक नहीं होगा। यह बच्चे के भविष्य के लिए सही नहीं होगा। कुछ वक्त बीत जाने के बाद बच्चा पुरानी बातों को भूल जाएगा। यह कहते हुए बेंच ने पिता को हर महिने के पहले शनिवार को बेटे से मिलने की अनुमति को खत्म कर दिया।