comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

अपहरण कर मेरे बच्चे को उतार दिया मौत के घाट, लापता बालक का मिला क्षतविक्षत शव

अपहरण कर मेरे बच्चे को उतार दिया मौत के घाट, लापता बालक का मिला क्षतविक्षत शव


परिज
डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा/परासिया। कोयलांचल के उरधनढाना के एक दस वर्षीय लापता बच्चे का शव स्टाप डेम में क्षतविक्षत हालत में मिलने से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। बच्चा बीते एक सप्ताह से घर से लापता था।नों ने बच्चे के अपहरण और हत्या की आशंका जाहिर कर कुछ लोगों पर संदेह जाहिर किया है। पुलिस ने मंगलवार को मृत बच्चे का पीएम कराया। वहीं परिजनों ने गांव के जिन लोगों पर संदेह जाहिर किया है, उन्हें पूछताछ के लिए थाने लाया है।
रावनवाड़ा पुलिस ने बताया कि उरधनढाना निवासी 10 वर्षीय नितिन पिता सीताराम डेहरिया बीती 10 नवम्बर से घर से लापता था। परिजनों की शिकायत पर धारा 363 के तहत मामला दर्ज कर बच्चे की तलाश की जा रही थी। इसी बीच सोमवार को गांव से कुछ दूर स्थित डेम में नितिन का शव मिला है। मंगलवार को पीएम कराया गया है। पीएम रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दो साल पहले भी नितिन का हुआ था अपहरण-
सीताराम डेहरिया ने बताया कि उसकी एक बेटी और दो बेटे है। दो साल पहले भी छोटे बेटे नितिन का अपहरण हुआ था। गांव के एक शख्स ने नितिन को चौबीस घंटे अपने खेत में बने मकान में बंधक बनाकर रखा था। उस वक्त भी थाने में शिकायत की गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी।  
एएसपी और डीएसपी पहुंचे उरधन-
लापता बच्चे का शव मिलने और परिजनों द्वारा हत्या की आशंका जाहिर करने की सूचना पर एएसपी संजीव उईके और एसडीओपी परासिया अनिल शुक्ला मौके पर पहुंचे थे। एफएसएल टीम के साथ मिलकर अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। रावनवाड़ा टीआई प्रीतम ङ्क्षसह तिलगाम ने बताया कि इस मामले में गांव के चार संदेहियों से पूछताछ की जा रही है।
पिछले एक सप्ताह में तीन बच्चे लापता-
रावनवाड़ा थाना क्षेत्र के उरधनढाना और मंडला समेत उमरेठ से पिछले एक सप्ताह में तीन नाबालिग गायब हुए है। बीते 10 नवम्बर को उधरनढाना से दस वर्षीय बच्चा गायब हुआ था। वहीं ग्राम मंडला से 11 नवम्बर को एक नाबालिग और उमरेठ के पटपड़ा से 9 नवम्बर की रात एक नाबालिग के गायब हुए थे। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 363 के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

कमेंट करें
JUTP9
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।