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मुंबई में ही होगा विधानमंडल का बजट सत्र, 1 मार्च से होगा शुरु

मुंबई में ही होगा विधानमंडल का बजट सत्र, 1 मार्च से होगा शुरु

डिजिटल डेस्क, मुंबई। आगामी 1 मार्च से शुरु होने वाला महाराष्ट्र विधानमंडल का बजट सत्र राजधानी में ही होगा। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार ने तय किया है कि हर बार की तरह इस बार भी बजट सत्र मुंबई में ही आयोजित किया जाएगा। गौरतलब है कि हर वर्ष विधानमंडल का शीतकालिन सत्र उपराजधानी नागपुर में आयोजित होता है लेकिन इस साल कोरोना संकट के कारण शीतकालिन सत्र नागपुर में नहीं हो सका। पिछले दिनों विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा था कि बजट सत्र नागपुर में आयोजित हो सकता है। पर अब राज्य सरकार ने तय किया है कि बजट सत्र हर बार की तरह इस बार भी मुंबई में ही आयोजित किया जाएगा।  

मानव और तेंदुआ संर्घष रोकने सरकार ने बनाई समिति

प्रदेश सरकार ने मानव और तेंदुए के संघर्ष का अध्ययन करने के लिए 11 सदस्यों की समिति का गठन किया है। गुरुवार को प्रदेश के वन मंत्री संजय राठोड ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त प्रधान मुख्य वनसंरक्षण (वन्यजीव-मुंबई) के सुनील लिमये की अध्यक्षता में 11 सदस्यों की समिति बनाई गई है। यह समिति अगले तीन महीनों में सरकार को रिपोर्ट देगी। यह समिति तेंदुए के मृत्यु के कारणों और उसके मौत का प्रमाण कम करने के लिए भी सुझाव देगी। इसके साथ ही तेंदुओं के कारण जनहानि की घटनाएं बढ़ने के संबंध में अध्ययन करेगी। इस समिति में सदस्य के रूप में वन्य प्राणी विशेषज्ञ डॉ. विद्या अत्रेय, देहरादून के भारतीय वन्यजीव संस्थान के डॉ. बिलाह हबीब, राज्य वन्यजीव मंडल के सदस्य डॉ. अनीष अंधेरिया, राज्य वन्यजीव मंडल के सदस्य बंडू धोत्रे, राज्य वन्यजीव मंडल के सदस्य अनूज खरे, विभागीय वन अधिकारी (सेवानिवृत्त) शिवाजी फटांगरे, वन्यजीव बचाओ केंद्र प्रबंधन के विशेषज्ञ डॉ. नेहा पंचमिया, राज्य वन्यजीव मंडल के सदस्य विश्वास काटदरे, वन्यप्राणी बचाओ विशेषज्ञ डॉ. स्वप्निल सोनावने को शामिल किया गया है। जबकि अहमदनगर के उप वनसंरक्षक (प्रादेशिक) एम आदर्श रेट्टी को समिति का सदस्य सचिव बनाया गया है। वन मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मानव और तेंदुओं के बीच संर्घष में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही तेंदुओं की मौत की घटनाएं बी बढ़ी हैं। इनके कारणों के अध्ययन के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य वन्यजीव मंडल की बैठक में एक तकनीकी समिति के गठन का निर्देश दिया था। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।