दैनिक भास्कर हिंदी: कोरोना काल में लूट... नागपुर का 15 हजार और जबलपुर का 40 हजार रुपए तक वसूल रहे एम्बुलेंस का किराया

October 7th, 2020

कोरोना से पहले नागपुर का अधिकतम 28 सौ रुपए और जबलपुर का 55 सौ रुपए था 
डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा।
कोरोना वायरस ने पूरे जिले में कोहराम मचा रखा है। हर रोज दहाई की संख्या में नए मरीज सामने आ रहे है। इस वैश्विक महामारी के बीच प्राइवेट एम्बुलेंस चालक मरीजों को लूटने का मौका नहीं छोड़ रहे है। अभी हालात यह है कि फ्लाइट के किराए के बराबर एम्बुुलेंस का किराया वसूला जा रहा है। छिंदवाड़ा से 125 किलोमीटर दूर नागपुर के 10 से 15 हजार रुपए और लगभग 225 किलोमीटर दूर जबलपुर मेडिकल कॉलेज के 20 से 40 हजार रुपए तक किराया लिया जा रहा है। सामान्य दिनों में नागपुर तक एम्बुलेंस का किराया 28 सौ से तीन हजार रुपए है। वहीं जबलपुर का किराया अधिकतम 55 सौ रुपए था। निजी एम्बुलेंस चालकों की मनमानी पर प्रशासन का ध्यान नहीं है।
ऑक्सीजन लेबल तय करता है किराया-
सरकारी और निजी अस्पताल में भर्ती कोविड के मरीजों के ऑक्सीजन लेबल के आधार पर एम्बुलेंस चालक किराया तय कर रहे है। मरीज का ऑक्सीजन लेबल जितना कम होता है उतना अधिक किराया वसूला जा रहा है। एम्बुलेंस में वेंटीलेटर, ऑक्सीजन और मॉनीटर की सुविधाओं के एवज में मनमाना किराया लिया जा रहा है। मरीजों के परिजनों की मांग है कि प्रशासन कोरोना काल में एम्बुलेंस की मौजूदा सुविधाओं के आधार पर न्यूनतम किराया तय करें।  
चालकों का कहना... जान जोखिम में डालकर कर रहे काम-
एम्बुलेंस मालिक व चालकों का कहना है कि पॉजिटिव मरीज से संक्रमण का खतरा है। ऐसी परिस्थिति में वे जान जोखिम में डालकर मरीजों को नागपुर व जबलपुर मेडिकल कॉलेज छोड़ रहे है। वहीं पोर्टेबल वेंटीलेटर, ऑक्सीजन और पीपीई किट की सुविधाएं भी मरीज को दी जा रही है। इसके एवज में वे मरीजों से किराया ले रहे है।
 

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