comScore

करोड़ों की सड़क बनाई फिर सीवर लाइन के लिए उधेड़ रहे, कैसे बनाएंगे स्मार्ट सिटी

करोड़ों की सड़क बनाई फिर सीवर लाइन के लिए उधेड़ रहे, कैसे बनाएंगे स्मार्ट सिटी

डिजिटल डेस्क, छिंदवाड़ा। मुख्यमंत्री कमलनाथ की खास रुचि पर छिंदवाड़ा शहर को स्मार्ट बनाया जाना है। करीब 50 करोड़ रुपए की राशि स्मार्ट सिटी के लिए प्रदेश सरकार ने मंजूर की है। जिम्मा नगर निगम को दिया गया है, लेकिन नगर निगम को लेकर शहर का अब तक का अनुभव संतोषप्रद नहीं रहा है। वह इसलिए कि करीब 5 साल में नगर निगम करोड़ों की जल आवर्धन योजना को शुरू नहीं कर पाया है। इस प्रोजेक्ट के दूसरे फेज का काम भी लटका हुआ है। शहर में दो साल के भीतर लगभग 84 करोड़ रुपए की सड़क बनाई। अब वही सड़कें सीवर लाइन के लिए खोदी जा रही है। प्रदेश सरकार की मदद के बावजूद माचागोरा से पानी लाने की व्यवस्था बनाई लेकिन कमजोर प्लानिंग की वजह से भरी गर्मी में शहरवासियों को संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में स्मार्ट सिटी के भविष्य पर सवाल खड़े हो सकते हैं। 

50 करोड़ में ऐसे स्मार्ट बनेगी हमारी सिटी
धरमटेकड़ी और भरतादेव में पार्क का विस्तार, धरमटेकड़ी में साढ़े तीन एकड़ में पार्क, पाथ-वे और पार्किंग समेत अन्य कार्य। 12 एकड़ में ट्रांसपोर्ट नगर, सवा एकड़ में कांजी हाऊस, 24 गांवों को जोडऩे 41 किलोमीटर लंबी 26 सड़कों का निर्माण, शहर के भीतर 12 लेफ्ट टर्न सहित पीपीपी मोड पर अन्य कार्य होने है। फिलहाल नगरनिगम सर्वे करवा रहा है। 

जबलपुर में स्मार्ट सिटी के लिए कंपनी बनाई
जबलपुर सहित अन्य महानगरों में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए कंपनियां बनाई गई हैं। जबलपुर में स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी बनी है। इसमें कलेक्टर समेत अन्य तकनीकी अधिकारियों को शामिल किया गया है। भले ही छिंदवाड़ा में सेंट्रल का प्रोजेक्ट न हो लेकिन इसी तर्ज पर यहां भी अथारिटी बनाई जा सकती है। हालांकि निगम ने सिटी बस संचालन के लिए कंपनी बना रखी है।

शहर के ये बड़े प्रोजेक्ट जिनके अनुभव खट्टे रहे
सड़कों का निर्माण: यूआईडीएसएसएमटी योजना के तहत शहर में दो फेज में सड़कों का निर्माण हुआ। करीब 84 करोड़ रुपए की सड़कें बनीं। बुरा अनुभव ऐसा कि बस्तियां में सड़क की ऊंचाई बढ़ा दी गई। नाली नहीं बनाई गई। सड़कों का पानी घरों में समाने की नौबत आ गई। अनुपयोगी भरतादेव से चारगांव की ओर 3-5 मीटर की सड़क को 15 मीटर चौड़ी बनाने की तैयारी। 

एक्सपर्ट व्यू: बेहतर प्लानिंग व कोआर्डिनेशन की जरुरत
बड़े प्रोजेक्ट में एक नोडल एजेंसी होनी चाहिए। जो सभी से सामंजस्य बनाते हुए कार्य को आगे बढ़ाए। स्मार्ट सिटी के लिए बेहतर प्लानिंग की जरूरत है। सिटी प्लानर, अन्य अनुभवी लोगों व विभागों को शामिल किया जाना चाहिए। विभागों में बेहतर को आर्डिनेशन के साथ क्रमबद्ध विकास होना चाहिए। - अतुल भार्गव, इंजीनियर
 

कमेंट करें
2aBC1