महाराष्ट्र बीजेपी का आंदोलन: मंदिर खोलने के लिए राज्यभर में प्रदर्शन, हिरासत में लिए कई नेता 

August 30th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य में मंदिर खोलने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई इलाकों में ‘शंखनाद’ आंदोलन किया। पुलिस ने आंदोलन कर रहे पूर्व वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार, विधायक राम कदम और अतुल भातखलकर समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार ने नियमावली जारी कर बार, शराब की दुकानें और मॉल खोलने की इजाजत दे दी है तो इसी तरह की नियमावली बनाकर मंदिर क्यों नहीं खोले जा रहे हैं। 

शंखनाद आंदोलन के लिए भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ दक्षिण मुंबई स्थित बाबुलनाथ मंदिर पहुंचे थे जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके अलावा भाजपा विधायक राम कदम सिद्धिविनायक मंदिर के सामने जाकर शंखनाद आंदोलन की तैयारी कर रहे थे लेकिन उसके पहले उन्हें घर से निकलते ही पुलिस ने समर्थकों के साथ हिरासत में ले लिया। इसी तरह भाजपा विधायक अतुल भातखलकर को भी कांदीवली पश्चिम इलाके में आंदोलन से पहले पुलिस ने कार्यकर्ताओं के साथ हिरासत में ले लिया। 

दोनों डोज वालों को मंदिर जाने की इजाजत क्यों नहीं 

हिरासत में लिए जाने से पहले भाजपा विधायक राम कदम ने मीडिया से बातचीत में सवाल किया कि अगर दोनों टीके लेने वाले लोगों को लोकल ट्रेन में सफर और दूसरी जगहों पर जाने की इजाजत दी जा सकती है तो दोनों डोज ले चुके लोगों को मंदिर जाने की इजाजत क्यों नहीं दी जा सकती। राज्य सरकार इसके लिए ऑनलाइन ऑवेदन की प्रक्रिया शुरू कर पास जारी कर सकती है। वहीं अतुल भातखलकर ने कहा कि आजीविका के लिए मंदिर पर निर्भर लाखों लोगों के सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो गया है। मरीजों की संख्या कम होने पर सरकार ने बार समेत दूसरी जगहों पर जाने वालों के लिए नियम शिथिल कर दिए लेकिन मंदिर में जाने वालों को छूट नहीं दी गई। भातखलकर ने कहा कि सरकार अगर मंदिर खोलने की इजाजत नहीं देती तो भाजपा कार्यकर्ता राज्य के मंदिरों के ताले तोड़ने शुरू करेंगे।

शंखासुर बन गई है भाजपाः कांग्रेस 

महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी खुद शंखासुर बन चुकी है। पार्टी आंदोलन के दौरान कोरोना संक्रमण से जुड़े नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील और उनके साथ मौजूद दूसरे लोग मास्क नहीं पहने थे। भाजपा नेता कोरोना के वाहक (कैरियर) बन चुके हैं, इस लिए इनसे दूर रहे। कांग्रेस नेता ने कहा कि आध्यात्म का राजनीति से कोई लेना देना नहीं है लेकिन भाजपा इसका इस्तेमाल कर रही है। यह लोगों की जिंदगी और मौत का सवाल है लेकिन इससे उन्हें कोई लेना देना नहीं है। सावंत ने सवाल किया कि भाजपा शासित राज्यों में कावड़ यात्रा पर पाबंदी क्यों लगाई गई। मोदी सरकार ने उत्सवों पर रोक लगाने से जुड़े निर्देश क्यों दिए। कोरोना की दूसरी लहर भाजपा के चलते आई थी और भाजपा कोरोना की तीसरी लहर जल्द लाने के लिए प्रयासरत है।     

 

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