comScore

खरीद-फरोख्त से बचने जयपुर के रिसार्ट में रहेंगे महाराष्ट्र के कांग्रेसी विधायक  

खरीद-फरोख्त से बचने जयपुर के रिसार्ट में रहेंगे महाराष्ट्र के कांग्रेसी विधायक  

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। महाराष्ट्र में जारी सियासी उठापटक के बीच कांग्रेस ने अपने विधायकों को संभावित खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए जयपुर भेजने का फैसला किया है। महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष बालासाहब थाेराट के निर्देश पर पार्टी के 44 विधायकों में से कुछ जयपुर पहुंच गए हैं तो कुछ पहुंचने वाले हैं। राजस्थान में कांग्रेस की सरकार होने के चलते पार्टी जयपुर को अपने विधायकों के लिए ज्यादा सुरक्षित मान रही है।  

जयपुर के रिसॉर्ट में रहेंगे कांग्रेस विधायक!

कांग्रेस के कुछ विधायक मुंबई से सीधे जयपुर पहुंचे हैं तो कुछ विधायक दिल्ली होते हुए जयपुर पहुंच रहे हैं। जानकारी के मुताबिक इन विधायकों को जयपुर के एक रिसॉर्ट में रहने की व्यवस्था की गई है। दरअसल कांग्रेस को यह डर सता रहा है कि शिवसेना के आक्रामक रूख के बाद अलग-थलग पड़ी भाजपा महाराष्ट्र में अपनी सरकार बनाने के लिए कांग्रेस के विधायकों को तोड़ सकती है। दिल्ली से जयपुर निकलने के पहले किसान कांग्रेस के अध्यक्ष व विधायक नाना पटोले ने ‘भास्कर’ से बातचीत में कहा कि जब शिवसेना जैसी पार्टी को अपने विधायकों को बचाने में मुश्किल आ रही है, तब कांग्रेस को आशंकित होना लाजिमी है। निवर्तमान विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वड्डेटिवार और पार्टी के वरिष्ठ विधायक नितीन राउत भी आरोप लगा चुके हैं कि उनके विधायकों को ईमान बदलने के लिए करोड़ों रूपये का प्रलोभन दिया जा रहा है। यही वजह रही कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहब थोराट ने सभी 44 विधायकों को जयपुर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। 

अहमद व वेणुगोपाल से मिले पटोले

हालांकि पटोले ने दावा किया कि भाजपा चाहे लाख कोशिश कर ले, कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं टूटेगा। उन्होने बताया कि कांग्रेस विधायकों को जयपुर में ठहराने का निर्देश पार्टी नेतृत्व की ओर से नहीं आया है, बल्कि खुद विधायकों व प्रदेश इकाई ने यह फैसला किया है। इस क्रम में पटोले ने दिल्ली में पार्टी के कोषाध्यक्ष अहमद पटेल और पार्टी के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल से भेंट की है। बता दें कि महाराष्ट्र में सत्ता बंटवारे को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच ठनी हुई है। महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 9 नवंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा को 105 सीटें मिली है तो शिवसेना के खाते में 56 सीटें आई हैं। राकांपा 54 सीटों के साथ तीसरे नंबर पर है तो कांग्रेस 44 सीटों के साथ चौथे पायदान पर है। 


 

कमेंट करें
59iBm
NEXT STORY

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।