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दैनिक भास्कर हिंदी: मेडिकल-मेयो का नाम सुनते ही लौट जाते कई मजदूर, कोरोना को लेकर दहशत

डिजिटल डेस्क, नागपुर। कोरोना के चलते मजदूरों में खासी दहशत बनी हुई है। ठेकेदारों को मजदूरों के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है, जैसे ही मजदूरों को मालूम चलता है कि उन्हें शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मेडिकल) या इंदिरा गांधी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मेयो) में काम करने जाना है, तो कई लोग काम करने से साफ इंकार कर देते हैं। इतना ही नहीं कई मजदूरों को रास्ते में मालूम चला, तो वह अस्पताल का नाम सुनकर रास्ते से ही लौट गए, क्योंकि इन दोनों ही अस्पतालों में कोरोना के मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इस वजह से मैंटेनेंस के छोटे-छोटे कार्यों में ना सिर्फ समय दोगुना लग रहा है बल्कि मजदूरी भी अधिक ले रहे हैं।
सभी लोगों को पता है कि कोरोना के मरीजों का उपचार मेडिकल-मेयो में किया जा रहा है। ऐसे में वहां लगातार मरीजों को सुविधा देने के लिए रिपेयरिंग का काम किया जा रहा है। छोटी-छोटी चीजों की समस्या वजह से परेशानी खड़ी हो जाती है जिसे दूर करने के लिए उनको बुलवाया जाता है जिसमें कभी पेंटर, बाढ़ई, मजदूरी, कारीगर, प्लंबर आदि लोगों की जरुरत हमेशा पड़ती रहती है लेकिन कई सारे लोग ऐसे है जो अस्पताल का नाम सुनकर भाग खड़े होते हैं। हालांकि ऐसा नहीं हुआ है कि किसी के ना आने की वजह से कोई काम रुका हो। कोरोना पॉजिटिव मरीजों के वॉर्ड में भी लोगों ने पीपीई किट पहनकर काम किया है, लेकिन इन सबसे काम करने वालों ने अपनी मजदूरी को डेढ़ से दोगुना कर दिया है।
मामला नंबर 1
मेडिकल के एक वॉर्ड में पानी लीकेज हो रहा था। शिकायत के बाद प्लंबर को बुलवाया गया तो अस्पताल का नाम सुनते ही उसने काम करने से साफ इंकार कर दिया। ठेकेदार ने लीकेज के काम को करने के लिए 4 लोगों से संपर्क किया तब जाकर उसे सुधारा गया।
मामला नंबर 2
मेडिकल में कोरोना मरीजों के लिए वाॅर्ड तैयार किया जा रहा था, वॉर्ड में एक गेट लगाना था। बाढ़ई को बताया कि कोरोना के मरीजों के लिए वार्ड में गेट लगाना है तो उसने सीधा मना कर दिया। इसके बाद कई लोगों से संपर्क करने के बाद वहां का काम पूरा किया।
इनका कहना है
पीडब्लूडी मेडिकल के सहायक अभियंता संजय उपाध्ये के मुताबिक हमें तय समय में कोरोना के मरीजों के लिए सुविधाएं तैयार करना है लेकिन अस्पताल का नाम सुनते ही मजदूर काम से मना कर देते है। इससे कई बार समय भी अधिक लग जाता है और उनको मजदूरी तो अधिक देनी पड़ ही रही है।
आईसेक्ट ग्रुप भोपाल: आईसेक्ट द्वारा ग्लोबल पर्सनल डेवलपमेंट विषय पर विशेष ट्रेनिंग सेशन आयोजित
डिजिटल डेस्क, भोपाल। आईसेक्ट के एचआर एवं लर्निंग एंड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट द्वारा एम्पलॉइज के लिए ग्लोबल पर्सनल डेवलपमेंट पर एक विशेष ट्रेनिंग सेशन का आयोजन किया गया। इसमें यूनाइटेड किंगडम के कॉर्पोरेट इंटरनेशनल ट्रेनर जुबेर अली द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिसमें उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को अपने अनुभवों, डेमोंस्ट्रेशन, वीडियो, स्लाइड शो के माध्यम से नई स्किल्स को प्राप्त करने और अपनी पर्सनेलिटी को बेहतर बनाने के तरीके बताए। साथ ही उन्होंने पर्सनेलिटी डेवलपमेंट और अपस्किलिंग के महत्व पर बात की और बताया कि करियर ग्रोथ के लिए यह कितना आवश्यक है। इस दौरान उन्होंने सफलता के लिए नौ सक्सेस मंत्र भी दिए। इस दौरान कार्यक्रम में एचआर कंसल्टेंट डी.सी मसूरकर और अल नूर ट्रस्ट के सदस्य उपस्थित रहे।
इस पहल पर बात करते हुए आईसेक्ट के निदेशक सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि आईसेक्ट कौशल विकास के महत्व को समझता है इसी कारण अपने एम्पलॉइज की अपस्किलिंग के लिए लगातार विभिन्न प्रशिक्षण सेशन का आयोजन करता है। इसी कड़ी में ग्लोबल पर्सनेल डेवलपमेंट पर यह ट्रेनिंग सेशन भी एक कदम है।
स्कोप कैम्पस: खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2022 की मशाल रैली भीमबेटका, ओबेदुल्लागंज, मंडीदीप, भोजपुर होते हुए पहुंची रबीन्द्रनाथ नाथ टैगोर विश्वविद्यालय और स्कोप कैम्पस
डिजिटल डेस्क, भोपाल। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय और खेल एवं युवा कल्याण विभाग रायसेन के संयुक्त तत्वावधान में खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2022 की मशाल रैली आयोजित की गई। यह यात्रा होशंगाबाद से पर्वतारोही भगवान सिंह भीमबेटका लेकर पहुंचे। फिर भीमबेटका से रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय ने मशाल लेकर ओबेदुल्लागंज की ओर प्रस्थान किया। ओबेदुल्लागंज में रैली का स्वागत किया गया। साथ ही ओबेदुल्लागंज में मशाल यात्रा को विभिन्न स्थानों पर घुमाया गया। तत्पश्चात यात्रा ने मंडीदीप की ओर प्रस्थान किया। मंडीदीप में यात्रा का स्वागत माननीय श्री सुरेंद्र पटवा जी, भोजपुर विधायक ने किया। अपने वक्तव्य में उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने के लिए मप्र सरकार द्वारा की जा रही पहलों की जानकारी दी और युवाओं को खेलों को जीवन में अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके अलावा खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2022 में खिलाड़ियों को जीत के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खेलों इंडिया यूथ गेम्स के आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रयासों को रेखांकित किया।
साथ ही कार्यक्रम में रायसेन के डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स ऑफिसर श्री जलज चतुर्वेदी ने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश डाला और खेलों इंडिया यूथ गेम्स के खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। यहां से धावकों ने मशाल को संभाला और दौड़ते हुए भोजपुर मंदिर तक पहुंचे। मंदिर से फिर यात्रा रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय तक पहुंचती और यहां यात्रा का डीन एकेडमिक डॉ. संजीव गुप्ता द्वारा और उपकुलसचिव श्री समीर चौधरी, उपकुलसचिव अनिल तिवारी, उपकुलसचिव ऋत्विक चौबे और स्पोर्ट्स ऑफिसर सतीश अहिरवार द्वारा भव्य स्वागत किया जाता है। मशाल का विश्वविद्यालय में भी भ्रमण कराया गया। यहां से यात्रा स्कोप कैम्पस की ओर प्रस्थान करती है। स्कोप कैम्पस में स्कोप इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. डी.एस. राघव और सेक्ट कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सत्येंद्र खरे ने स्वागत किया और संबोधित किया। यहां से मशाल को खेल एवं युवा कल्याण विभाग के उपसंचालक जोश चाको को सौंपा गया।
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