मराठा आरक्षण मुद्दा : महाराष्ट्र के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति से मुलाकात

September 2nd, 2021

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मराठा आरक्षण के मुद्दे पर गुरुवार को राज्यसभा सदस्य संभाजीराजे छत्रपति के साथ महाराष्ट्र के चारों प्रमुख दलों के प्रतिनिधि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने तो गए, लेकिन जो ज्ञापन राष्ट्रपति को सौंपना था, उस पर हस्ताक्षर करने को लेकर वहां भाजपा सांसद ने बखेडा खड़ा किया। आखिरकार राष्ट्रपति को ही उस सांसद को कहना पड़ा कि आपने इस ज्ञापन पर हस्ताक्षर क्यों नहीं किए। इसके बाद ही भाजपा सांसद ने उस पर अपना हस्ताक्षर किया।

मराठा आरक्षण के मसले पर राष्ट्रपति से मिलने गए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में सांसद संभाजीराजे के साथ सांसद वंदना चव्हाण, विधायक संग्राम थोपटे, सांसद विनायक राऊत और सांसद रणजीत सिंह नाईक निंबालकर शामिल थे। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद सांसद संभाजीराजे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने मराठा समुदाय को आरक्षण की जरुरत और इसको लेकर समाज की भावनाओं को राष्ट्रपति तक पहुंचाई।

राष्ट्रपति ने हमारी सभी बातों को गौर से सुनने के बाद उन्होंने कहा कि इस मसले पर अध्ययन करने के लिए उन्हें कुछ समय चाहिए। संभाजीराजे ने कहा कि हमने राष्ट्रपति से कानून में दुर्गम और दूरदराज में रहने वाले लोगों के लिए आरक्षण ऐसा लिखा गया है, उसे बदलने का आग्रह किया।