नागपुर का मटका किंग एमपी में गिरफ्तार, ग्वारीघाट से पकड़ाया

Matka king of nagpur arrested from gwarighat in madhya pradesh
नागपुर का मटका किंग एमपी में गिरफ्तार, ग्वारीघाट से पकड़ाया
नागपुर का मटका किंग एमपी में गिरफ्तार, ग्वारीघाट से पकड़ाया

डिजिटल डेस्क, नागपुर। ग्वारीघाट थानांर्तगत सुखसागर ब्लू टॉवर में किराए के मकान में दबिश देकर ऑन लाइन मटका सट्टा खिलाने वाले आरोपियों को पकड़ा गया। इन आरोपियों में नागपुर का मटका किंग के नाम से मशहूर देवेंद्र गोयल नामक सटोरिया भी शामिल है। सूत्रों के अनुसार देवेंद्र गोयल का नागपुर में मटका नाम से ऑनलाइन खिलाया जाने वाले सट्टे का बड़ा कारोबार है, देवेंद्र ने जबलपुर के रिंकू अग्रवाल नामक सटोरिए के साथ मिलकर पूरे महाराष्ट्र में अपना नेटवर्क फैला रखा है। कुछ महीने पहले वह रिंकू की मदद से वह जबलपुर गया था। रांझी, गोकलपुर में रिंकू की मदद से किराए के मकान में खुद को इंजीनियरिंग का छात्र बताकर रह रहा था। देवेन्द्र के साथ छिंदवाड़ा के कार्तिकेय मादे और अविनाश उर्फ प्रदुम्न चौहान को भी पकड़े जाने की खबर है। यह सभी आरोपी सुखसागर टॉवर में गुलशन अग्रवाल के घर में किराए से रह रहे थे। सूत्र बताते हैं िक देवेंद्र गोयल की नागपुर पुलिस को भी लंबे समय से तलाश रही है। काफी समय पहले यह नागपुर में सक्रिय था। यह कुछ क्रिकेट बुकियों के साथ मिलकर विदर्भ में जाल फैलाना शुरू किया था। पुलिस के बढ़ते शिकंजे को देखते हुए वह नागपुर से भूमिगत हो गया था। आखिरी बार उसके गोंदिया में मिलने की बात सूत्र बता रहे है। उसके बाद से वह गायब हो गया था। उसे नागपुर का बड़ा सटोरिया भी कहा जाता है।


एटीएम कार्ड से करते थे भुगतान

उल्लेखनीय है कि 18 मई की रात मुखबिर की सूचना पर ग्वारीघाट पुलिस ने सुखसागर टॉवर निवासी गुलशन अग्रवाल के घर में दबिश देकर देवेन्द्र गोयल, कार्तिकेय मादे और अविनाश उर्फ प्रदुम्न चौहान को मटके का ऑनलाइन सट्टा खिलाते हुए पकड़ा था। आरोपी अलग-अलग फोन से बात करते हुए लोगों से ऑनलाइन सट्टे का हिसाब तीन लैपटाप में लिख रहे थे। सटोरिए एटीएम कार्ड का प्रयोग कर पैसे का भुगतान कर रहे थे, जिसके लिए उन्होंने बैंक में फर्जी खाते भी खुलवाये थे। देवेंद्र गोयल के नाम के तीन अलग-अलग बैंकों के चार एटीएम कार्ड्स, करण सिंह के नाम का एक एटीएम कार्ड सहित ऑनलाइन सट्टे के कस्टमर की प्रिंटेड लिस्ट भी पुलिस ने जब्त की थी। पूछताछ में देवेंद्र गोयल ने बताया था कि वह डब्ल्यूडब्लयूडब्लयू डॉट बालाजी मटका डॉट कॉम संचालित करता है। सट्टे की रकम का लेनदेन करने के लिए उसने निजी बैंक में करण सिंह के नाम पर फर्जी दस्तावेज लगाकर छिंदवाड़ा में खाता खोला है। कार्तिकेय व अविनाश को 10 हजार रुपए सैलरी देता था, बालाजी मटका डॉट कॉम का संचालन देवेंद्र गोयल करता है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ जुआ एक्ट, 420, 467, 468, 471, व 66 घ आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज करके दो दिन की रिमांड में पूछताछ करने के बाद तीनों को जेल भेज दिया था।


करता है हर महीने विदेश की यात्रा 

सूत्रों के अनुसार देवेंद्र गोयल एक संभ्रांत परिवार का युवक है, लेकिन सट्टे के अवैध धंधे में कुछ ही सालों के भीतर देवेंद्र ने खूब दौलत कमाई और हाईप्रोफाइल लाइफ स्टाइल में रहता था। इतना ही नहीं हर महीने विदेश यात्रा करना उसका शौक है। बताया जाता है कि देवेंद्र गोयल के खिलाफ नागपुर के साथ महाराष्ट्र के कई बड़े शहरों में सट्टे व धोखाधड़ी के प्रकरण दर्ज हैं। देवेंद्र लंबे समय से नागपुर पुलिस को चकमा दे रहा था, जिसके कारण इस मामले की जांच और देवेंद्र की गिरफ्तारी के लिए जल्द ही नागपुर क्राइम ब्रांच की एक टीम के जबलपुर पहुंचने की उम्मीद है।

Created On :   29 May 2019 1:08 PM GMT

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