- छात्र ने किया 50 लाख का क्लेम, फोरम ने डॉक्टरों को जारी किया नोटिस: डॉक्टरों की लापरवाही से मेडिकल स्टूडेंट ने गंवाया पैर

February 26th, 2022

डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा। भोपाल में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छिंदवाड़ा के एक स्टूडेंट को डॉक्टरों की लापरवाही का खामियाजा अपना एक पैर गंवाकर चुकाना पड़ा। दुर्घटना मेें घायल छात्र के इलाज में बरती गई लापरवाही की वजह से उसका एक पैर काटना पड़ा था। छात्र ने उपभोक्ता फोरम भोपाल में 50 लाख रुपए का क्लेम पेश किया है। गुरुवार को फोरम ने भोपाल के दो और नागपुर के एक डॉक्टर को नोटिस जारी कर पांच अप्रैल तक का समय पेश होने दिया है। पीडि़त छात्र भोपाल के प्राइवेट मेडिकल यूनिवर्सिटी से डीएमएलटी की पढ़ाई कर रहा है।
पीडि़त छात्र लोधीखेड़ा निवासी 23 वर्षीय विकास पिता भगवानजी रायकवार के मुताबिक वह दिसम्बर 2020 में डीएमएलटी की पढ़ाई करने भोपाल गया था। पढ़ाई के साथ एक फूड डिलीवरी कंपनी में पार्ट टाइम जॉब भी कर रहा था। 5 जनवरी 21 की रात एक ऑर्डर पूरा कर लौटते वक्त वह सडक़ हादसे का शिकार हो गया। उसे पैरों में गंभीर चोट थी। राहगीरों ने उसे एम्बुलेंस से जेपी अस्पताल भेजा। यहां डॉ.तन्मय शाह ने प्राथमिक इलाज देकर आयुष्मान कार्ड होने पर निजी अस्पताल में नि:शुल्क ऑपरेशन करने का हवाला देकर अरेरा ट्रामा एंड क्रिटिकल केयर अस्पताल में भेज दिया था। निजी अस्पताल में डॉ. शाह ने उसका ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के दौरान और बाद में बरती गई लापरवाही से पैर में दर्द और सूजन बढऩे लगी। आराम न लगने पर परिजन 23 जनवरी को उसे नागपुर ले गए। पैर में गैंगरीन होने की वजह से नागपुर में उसका एक पैर काटना पड़ा। विकास ने बताया कि डॉ. तन्मय शाह, निजी अस्पताल के डॉ. अंकित शर्मा और नागपुर के डॉ. राजू देशमुख को उपभोक्ता फोरम से नोटिस जारी किया गया है।
पिता ने कर्ज लेकर कराया इलाज-
विकास के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं है। उसके पिता टेलरिंग का काम करते है। तीन भाई-बहनों में वे सबसे छोटे है। पिता ने कर्ज लेकर इलाज में लगभग सात से आठ लाख रुपए खर्च किए है। डॉक्टरों की लापरवाही से विकास का जीवन मुश्किलों से भर गया। हालात यह है कि विकास को अपनी पढ़ाई भी ड्रॉप करनी पड़ी।