दैनिक भास्कर हिंदी: आरे मिल्क कॉलोनी में  मेट्रो कारशेड परियोजना पर्यावरण के हित में नहीं -जयराम रमेश

September 17th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने मुंबई के उपनगर गोरेगांव के आरे मिल्क कॉलोनी में प्रस्तावित मेट्रो कारशेड का विरोध किया है। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में रमेश ने कहा कि मेट्रो कारशेड परियोजना पर्यावरण के हित में नहीं है। यह परियोजना शाश्वत विकास की बिल्कुल भी मिसाल नहीं है। इससे मुंबई शहर को काफी गहरी चोट पहुंचेगी। रमेश ने कहा कि कांग्रेस और शिवसेना की राजनीति कभी नहीं मिल सकती। शिवसेना हमारी राजनीतिक विरोधी है और रहेगी।

उनकी राजनीति से हम हमेशा लड़़ते रहेंगे पर मैं शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे और युवा सेना अध्यक्ष आदित्य ठाकरे की सराहना करूंगा कि पर्यावरण के मामले में गलती से सही बयान दे देते हैं। दोनों ने पर्यावरण को सुरक्षित रखने का बयान दिया है। मैं उद्धव और आदित्य से कहना चाहता हूं कि सिर्फ बयानबाजी से काम नहीं चलेगा। उन्हें अब अपने सहयोगी दल भाजपा को समझाना चाहिए कि यह परियोजना पर्यावरण के हित में नहीं है। रमेश ने कहा कि यहां केवल कारशेड नहीं बल्कि मेट्रो स्टेशन बनाया जाएगा। मेट्रो स्टेशन बनाने के बाद लोग आएंगे। कारशेड परियोजना यहां पर लोगों को बसाने के लिए एक दरवाजा खोलता है। यहां की आबादी बढ़ेगी। रमेश ने कहा कि हम विकास के खिलाफ नहीं हैं लेकिन सवाल यह है कि विकास और पर्यावरण के बीच में क्या संतुलन होना चाहिए। रमेश ने कहा कि पर्यावरण के मामले में भाजपा के कई नेता मुझसे आकर कहते हैं कि आप जो कह रहे हैं। वो सही है लेकिन हम बोल नहीं सकते हैं। मुंबई मनपा के वृक्ष प्राधिकरण ने कारशेड के लिए आरे कॉलेनी के लगभग 2700 पेड़ों को काटने की मंजूरी दी है। मुंबई में इसका काफी विरोध हो रहा है। 

समर्थन में उतरे अमिताभ बच्चन 

बॉलीवुड की कई हस्तियों ने मेट्रो कारशेड का मुखर विरोध किया है लेकिन दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन मेट्रो कारशेड के समर्थन में उतर आए हैं। बच्चन ने ट्वीट करके कहा कि मेरे एक मित्र को मेडिकल इमरजेंसी थी। उन्होंने अपनी कार के बदले मेट्रो से जाने का फैसला किया। वे वापस आए तो मेट्रो से काफी प्रभावित दिखे। उन्होंने कहा कि मेट्रो तेज, सुविधाजनक और सबसे अच्छा साधन है। बच्चन ने कहा कि प्रदूषण पर मात करने के लिए मेट्रो ही इलाज है। मैंने भरपूर पेड़ लगाए हैं। आपने लगाए क्या?

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