comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

धान की फसलों को चट कर रही फौजी इल्लियां, किसान फिर संकट में घिरे

धान की फसलों को चट कर रही फौजी इल्लियां, किसान फिर संकट में घिरे

डिजिटल डेस्क, देसाईगंज(गड़चिरोली)। आसमानी आफत किसानों के लिए थमने का नाम नहीं ले रहा है।  इस बार  शुरुआती दिनों से ही  खरीफ सत्र संकट में है। बुआई के दौरान बारिश की कमी और रोपाई कालावधि में हुई अतिवृष्टि के कारण किसानों चिंता में घिरे हुए हैं ।  तहसील के चोप व कोरेगांव क्षेत्र में धान की फसलों पर फौजी इल्लियों का प्रकोप दिखायी देने से किसानों की रही-सही उम्मीदें भी टूट रही है।

बता दें कि, गड़चिरोली जिला धान उत्पादक के रूप में परिचित हैं। स्थानीय किसानों द्वारा उगाए गए धान की बिक्री नागपुर समेत पुणे और अन्य बड़े शहरों में की जाती है। लेकिन पिछले तीन वर्षों से धान की फसलों पर संकटों के बादल मंडरा रहे हैं। विभिन्न तरह के कीटों के हमलों के कारण किसानों का वित्तीय नुकसान हो रहा है। वन कानून की अटकलों के कारण जिले की मुख्य 7 सिंचाई परियोजनाओं का कार्य अधर में होने से किसानों को बारिश पर निर्भर रहकर धान की फसल उगानी पड़ रही है। इस वर्ष खरीफ सत्र के शुरुआती दिनों में बारिश का अभाव था। इसके चलते किसानों ने देरी से बुआई का कार्य आरंभ किया। तकरीबन 45 दिनों के उपरांत धान के पौधे रोपाई के लिए उपयुक्त माने जाते हैं।  लेकिन इसी कालावधि में मूसलाधार बारिश शुरू  हो गई।

खेतों में करीब 5 फीट तक जलभराव की स्थिति निर्माण होने से रोपाई के कार्य अधर में अटक गये।। अधिकांश किसानों के धान के पौधे बाढ़ के पानी में भी बह गए। विभिन्न तरह की जद्दोजहद कर जैसे-तैसे किसानों ने धान की फसलों को नवसंजीवनी प्रदान की, लेकिन आज भी खेतों में कीचड़ और नमी बरकरार है। इसी कारण फसलों पर अब फौजी इल्लियों ने हमला कर दिया है। तहसील के चोप, कोरेगांव क्षेत्र के अधिकांश खेतों में फौजी इल्लियों का प्रकोप देखा जा सकता है।   स्थानीय कृषि विभाग द्वारा स्थिति को नियंत्रण में लाने के कोई प्रयास आरंभ नहीं किए जाने से किसानों ने नाराजगी व्यक्त की जा रही  है। 

कमेंट करें
zHiEX
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।