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 शहर सरकार ,आपके द्वार - बदइंतजामी पर बिफरे विधायक

 शहर सरकार ,आपके द्वार - बदइंतजामी पर बिफरे विधायक

डिजिटल डेस्क सतना। राज्य सरकार की अति महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक... शहर सरकार, आपके द्वार...कार्यक्रम में बंदइतजामी से नाराज सत्तारुढ़ दल के विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा बुधवार को यहां गढिय़ा टोला में अपना गुस्सा नहीं संभाल पाए। अंधेरगर्दी के खिलाफ विधायक जहां आयोजन स्थल पर ही जमकर बिफरे वहीं उन्होंने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मंत्री जयवर्धन सिंह को फोन लगाकर जिम्मेदार अफसरों की शिकायत भी कर दी। विधायक की कॉल पल भर में रंग लाई और मौके पर जिम्मेदार अफसरों की लाइन लग गई। ये दीगर बात है कि तब तक ज्यादातर हितग्राही अपने घरों को लौट चुके थे। आरोप है कि 2 अक्टूबर को यहां टाउन हाल से शुरु किए गए इस सरकारी कार्यक्रम में भी अराजकता के सवाल पर ऐसी आपत्तियां आई थीं। इसके बाद आननफान में दशहरा के दिन चौपाटी में  शहर सरकार बैठाने की कोशिश त्यौहार के चलते नाकाम हो गई थी।  
आखिर क्यों बिगड़ी बात 
वार्ड नंबर-3 स्थित गढिय़ा टोला में बुधवार को शहर सरकार ,आपके द्वार को दूसरा पड़ाव था। मेजबान वार्ड से लगे 8 वार्डों के नागरिकों के लिए सुबह साढ़े 10 बजे से आयोजित इस शिविर में तय समय पर जब समर्थकों समेत विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा पहुंचते वहां नगर निगम का एक परिंदा तक नहीं था। जिला प्रशासन के स्थानीय प्रतिनिधि भी इस आयोजन से बेखबर थे। विधायक के मुताबिक सूने पांडाल का चक्कर मारने के बाद वे वार्ड नंबर-3 में जन संपर्क पर निकल पड़े। सवालों के जवाब में लोगों ने बताया कि उन्हें शहर सरकार ,आपके द्वार जैसे किसी कार्यक्रम की खबर नहीं है। न प्रचार न प्रसार से आग बबूला विधायक वापस लौट कर कार्यक्रम स्थल पर आए और वहीं पर अफसरों को ताक कर बैठ गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोपहर 12 बजे तक जब कोई अफसर नहीं पहुंचा तो उन्होंने पहले कलेक्टर डा.सतेन्द्र सिंह और फिर विभागीय मंत्री जयवर्धन सिंह को कॉल कर अंधेरगर्दी की शिकायत की। इसके बाद निगमायुक्त अमनवीर सिंह और फिर तहसीलदार मानेन्द्र सिंह आयोजन स्थल पर पहुंचे। तहसीलदार ने भी माना कि उन्हें इस कार्यक्रम के संबंध में जानकारी नहीं थी। वे तो वरिष्ठ अधिकारियों के शार्ट मैसेज पर यहां पहुंचे है। शिविर के एजेंड से बेखबर तहसीलदार पर आरोप है कि उन्होंने हितग्राहियों को सिर्फ दिव्यांगों के लिए कार्ड बनने की गलत जानकारी दी। 
14 विभाग मगर फार्म तक नहीं 
शहर सरकार ,आपके द्वार योजना के तहत गढिय़ा टोला में 8 वार्डों की समस्याओं के समाधान के लिए यंू तो निगम के 14 विभागों की फेहरिस्त है,मगर आरोप है कि मौके पर इनमें से एक के लिए भी आवेदन तक उपलब्ध नहीं थे। आयोजन के  एजेंडे में पेयजल,निर्माण शाखा, पीएम आवास, विद्युत शाखा, पेंशन, स्वास्थ्य सफाई, अतिक्रमण, खाद्य, राजस्व, पट्टा वितरण, समग्र आईडी, मजदूरी कार्ड और स्मार्ट सिटी शामिल है। शिविर में  नगर निगम परिषद के नेता प्रतिपक्ष शैलेन्द्र सिंह गुड्डू, पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामकुमार तिवारी, पार्षद पीयूष सिंह मुन्ना और पार्षद पति राजेश सूर्यवंशी भी मौजूद थे। 
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।