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वैक्सीन को लेकर ग्रामीण इलाकों  में ज्यादा जागरूकता, शहरी क्षेत्रों में परहेज! 

वैक्सीन को लेकर ग्रामीण इलाकों  में ज्यादा जागरूकता, शहरी क्षेत्रों में परहेज! 

कोरोना टीकाकरण: कटंगी में 80 फीसदी तक वैक्सीनेशन ,जबकि शहर का औसत 48 प्रतिशत पर अटका 
डिजिटल डेस्क जबलपुर ।
जोर-शोर के साथ शुरू हुए कोरोना टीकाकरण अभियान के दूसरे दिन गौर करने वाली बात सामने आई कि ग्रामीण क्षेत्रों में वैक्सीनेशन को लेकर ज्यादा जागरूकता है, बतौर शहर के। आँकड़े बताते हैं कि कटंगी में 80 फीसदी तक लोगों को टीके लगाए गए जबकि शहरी कद्रों का औसत 48 प्रतिशत के आगे नहीं बढ़ सका। वैसे सोमवार को इस बात की उम्मीद की जा रही थी कि पहले दिन के मुकाबले वैक्सीन लगवाने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या और बढ़ेगी, लेकिन आँकड़े कुछ और ही बयाँ कर रहे हैं। दूसरे दिन जिले के 7 केंद्रों पर कुल संख्या का 63.57 फीसदी टीकाकरण ही हुआ, जबकि पहले दिन यह आँकड़ा 81 फीसदी तक पहुँचा था। सबसे ज्यादा कटंगी में 80, वहीं सबसे कम विक्टोरिया और सेंट्रल रेलवे हॉस्पिटल में क्रमश: 44-44 टीके लगे। मेडिकल कॉलेज में 57 व्यक्तियों का टीकाकरण हुआ। इस तरह जबलपुर के तीन केंद्रों पर मात्र 48.3 प्रतिशत ही टीके लगे।
हर केंद्र पर 100 का टारगेट 
 प्रत्येक केंद्र पर 100 लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। टीकाकरण के बाद कुछ लोगों में हल्की बुखार, सिर दर्द, उल्टी आना जैसे लक्षण देखे गए थे। इस वजह को भी कम वैक्सीनेशन से जोड़कर देखा जा रहा है। हालाँकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सर्वर की गलती के कारण दूसरे दिन उन लोगों को भी मैसेज पहुँच गया, जिन्हें पहले दिन वैक्सीन लग चुकी थी। 
लिस्ट को अपडेट करने के निर्देश 
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एसएस दाहिया का कहना है कि टीका लगवाना पूरी तरह स्वैच्छिक निर्णय है। स्वास्थ्य कर्मियों की जिम्मेदारी है कि वे खुद आगे आकर टीका लगवाएँ। जहाँ तक टीकाकरण कम होने की बात है, उसकी वजह यह रही कि पोर्टल ने उन लोगों को दोबारा मैसेज भेज दिया, जिन्हें वैक्सीन लग चुकी थी। वहीं विभिन्न सेंटर्स पर गर्भवती महिला स्वास्थ्य कर्मियों की भी कुछ संख्या है, जिन्हें वैक्सीन नहीं लगनी है। लिस्ट को इन सब बातों का ध्यान रखते हुए अपडेट करने के निर्देश मिले हैं। 

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