comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

30 वर्षों में 1700 से अधिक लावारिश शवों का किया अंतिम संस्कार

30 वर्षों में 1700 से अधिक लावारिश शवों का किया अंतिम संस्कार

गणतंत्र के गौरव - जिनका कोई नहीं उनका विधि-विधान से अंतिम संस्कार करते हैं रंजीत बसाक
डिजिटल डेस्क शहडोल ।
देश को आजादी दिलाने के लिए जहां असंख्या लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी। वहीं गणतंत्र को अछुण्य बनाए रखने के लिए अनेक समाजसेवी अपना सब कुछ दांव पर लगाने को तैयार रहते हैं। इन्हीं में से एक हैं नगर के रंजीत बसाक, जो पीडि़त मानवता की सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित कर चुके हैं। मानवता के प्रति सेवा के प्रति लगन काअंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वे अब 1700 से अधिक लावारिश शवों का अंतिम संस्कार करा चुके हैं। एक शव वाहन तथा घायल मवेशियों की सेवा के लिए भी एक वाहन मुहैया कराया है। यही नहीं जरूरतमंदों की सहायता के लिए हर महीने पेंशन भी देते हैं। 
1990 से की थी शुरुआत, धर्म-संप्रदाय नहीं आता आड़े
प्रिटिंग व्यवसाय से जुड़े रंजीत बसाक ने लावारिश शवों के अंतिम संस्कार का बीड़ा वर्ष 1990 से उठाया। इसके पीछे उनके सामने एक वाकया हुआ था, इसके बाद उन्होंने ठाना कि जिनका कोई नहीं, उन शवों को विधि विधान से संस्कार करेंगे। आज से 30 वर्ष पहले एक सेवा निवृत्त फौजी अकेले रहते थे। उसी समय शहर में पहला आश्रम संचालित हुआ, जहां बुजुर्गों व बेहसहारों को रखा जाता था। उन्हें वहीं रखवाया। उनकी मौत के बाद नगरपालिका में सूचना देने को कहा गया, लेकिन उनके मन में आया कि क्यों न मैं ही अंतिम संस्कार कराउं। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। जहां भी जानकारी मिलती है पहुंचकर शवों का विधि विधिान से संस्कार कराते हैं। रंजीत मानते हैं कि कोई भी शव लावारिश नहीं होता।  समाज का हिस्सा वह भी होता है जो अकेले रहते हैं। उस इंसान के लिए कितनी अजीब स्थिति बनती है जब अकेलेपन के बाद उसकी मौत होती है। 
गौवंश सेवा में भी पीछे नहीं
समाजसेवी रंजीत बसाक मूक मवेशियों की सेवा में भी पीछे नहीं हैं। उन्होंने स्वयं का एक वाहन शवों को लाने ले जाने के लिए जरूरतमंदों के लिए उपलब्ध कराया हुआ है। शहर से 25 किलोमीटर के दायरे में नि:शुल्क रूप से कोई भी शवों को ले जाने के लिए वाहन का उपयोग कर सकता है। लोग इसका लाभ उठा भी रहे हैं। वहीं मवेशियों की सेवा के लिए भी एक अलग से वाहन दिया हुआ है। सड़क हादसों व अन्य किसी वजह से चोटिल हुए मवेशियों को कल्याणपुर स्थित गौसेवा संस्थान तक पहुंचाने के लिए इस वाहन का उपयोग किया जाता है।
18 लोगों को देते हैं 500 रुपए की पेंशन
बेसहारा व जरूरतमंदों की मदद के लिए रंजीत बसाक रुपए भी खर्च करते हैं। जिले के ऐसे 18 लोगों को हर महीने 500 रुपए बतौर पेंशन के रूप में मदद करते हैं जो निहायत ही जरूरतमंद हैं। उन्होंने ऐसी व्यवस्था की है कि हर महीने की 1 से 10 तारीख के बीच में सभी 18 लोग पहुंचते हैं और 500 रुपए लेकर चले जाते हैं। रंजीत ने बताया कि उनका लक्ष्य है कि वे कम से 100 लोगों को हर महीने पेंशन के रूप में मदद करें।
 

कमेंट करें
16Lrm
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।