दैनिक भास्कर हिंदी: 7 से अधिक परिवारों को मिला काम, झुंड की शूटिंग के बाद मिला मेहनताना

December 28th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। सुबह 9 बजे एक सर ने दरवाजा खटखटाया और बोले चलो शूटिंग में चलना है, तो हमें लगा कि शूटिंग देखने की बात कर रहे है, लेकिन हमें तो फिल्म में छोटा सा काम दिया गया। बिग बि को देखकर तो हम खुश हो गए। फिर सभी लोगों को अलग अलग सीन करने के लिए कहा गया। मुश्किल से 1 या 2 मिनिट का शॉट था और शॉट खत्म होते ही सभी को 200 रूपए देकर रवानगी दी गई। नागराज मंजुले निर्देशित फिल्म झुंड की शूटिंग के कई स्थानों पर चल रही है। आज शूटिंग पांजरा, महाराज बाग के सामने विद्यापीठ तथा धंतोली में की गई। बिग बी के देखने के लिए लोगों का झुंड कोशिश कर रहा था। पांजरा में हुई शूटिंग में जिन परिवारों को शामिल किया गया उनके चर्चा की गई तो उन्होंने अपने अपने अनुभव शेयर किए।

हमारे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है
विनोद गेडाम का कहना था कि पांजरा में चल रही शूटिंग के लिए झोपड़पट्टी का सेट बनाया गया है। जिसमें 4-5 झोपड़पट्टी हैं। हमें शूटिंग के बुलाया गया। तब हमने अमिताभ बच्चन को देखा वो हाथ में फुटबॉल लेकर खड़े थे। फिर उन्होंने फुटबॉल से टप्पी करना शुरू किया। फिर मुझे कहा गया कि तेल का पीपा कंधे पर रखकर थोड़ा चलना है और मैंने वैसे ही किया। एक मैडम ने कहा अब जाओ बस आपका काम हो गया। काम होने के बाद मुझे 200 रूपए भी दिये। अमिताभ बच्चन को देखना चाहता था तो देख लिया। मैने सोचा भी नहीं था कि बच्चन साहब को इतने करीब से देखने का मौका मिलेगा।

पॉलिथीन में साड़ी डालकर घूमी
अरूणा गेडाम के मुताबिक हमारे एरिया से बहुत सारे लोगो को शूटिंग के कुछ सीन के बुलाया गया था। मुझे कहा गया कि पॉलिथीन पकड़कर बिग बी के इर्द-गिर्द घूमने को कहा। फिर दूसरी तरफ से आवाज आई कट और बोले सीन कम्पलीट। इसके बाद मुझे भी 200 रूपए दिए और जाने के लिए कहा। अमिताभ से बात करने की कोशिश की, लेकिन आसपास खड़े लोगो ने कहा आपका काम खत्म अब आपको जाना चाहिए।

बच्चो से पूछा कि ठंडी लग है क्या
हिमांशु राजुरकर ने बताया कि मुझे बोला गया कि प्रेस की दुकान के पास जाओ और वो जो लड़का बैठा है उसके पास बैठकर बात करो, तो मैने वैसे ही किया। इसके बाद बोले तुम्हारा रोल खत्म हो गया। मुझे तो पैसे नहीं मिलें, लेकिन अमिताभ बच्चने ने सभी लड़कों से कहा कि ठंडी लग रही है क्या। मुझे बहुत मजा आया अमिताभ बच्चन से मैने हाय कहा और उन्होंने मुझे भी हाय कहा। जब मैंने उनसे कहा कि मेरे साथ फोटो खिंचवाएंगे क्या तो बोले हां जरूरी खिचवाएंगे, लेकिन अभी नहीं बाद में।

प्रेस के कपड़े लेकर जाना था
सावित्री सोर के मुातबिक जब हम शूटिंग सेट पर पहुंचे तो मुझे पहले कहा गया कि मिर्ची के दंठल तोड़ने का सीन करना है। फिर सीन को बदला गया ओर प्रेस के कपड़े लेकर जाने को कहा गया। अमिताभ जी सामने खड़े थे तो सोचा कि उनसे बात करूं, फिर सोचा नहीं बाबा रहने देते हैं उन्हें इतने करीब से देखने का मौका मिल गया वही बहुत है। फिल्म में भले ही एक मिनिट का रोल है, लेकिन बच्चन साहब के काम करने का मौका मिलना ही बहुत बड़ी बात है। फिर 200 रूपए मिले और जाने को कहा।

बच्ची को गोद में सुलाना था
पायल सोर ने बताया कि मेरी पांच महीने की बच्ची रेवांशी है। सुबह हमारे घर से 6 लोगो को शूटिंग के बुलाया गया। हम सभी शूटिंग के लिए गए। सभी को छोटा-छोटा सीन दिया गया है। मुझे कहा गया कि गोद में बैठकर बच्ची को सुलाना है। फिर जब शूटिंग पूरी हुई तो मुझे 200 रूपए और बच्ची को 10 रूपए दिए।