दैनिक भास्कर हिंदी: यूनेस्को की विश्वविरासत सूची में शामिल हुई मुंबई हाईकोर्ट, मरीन ड्राईव, पश्चिम रेलवे मुख्यालय 

June 30th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के दक्षिण हिस्से में स्थित पुरानी इमारतों व स्थलों को संयुक्त राष्ट्रसंघ (यूनेस्को) की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया है। दक्षिण मुंबई के ये इमारतें विक्टोरिया गॉथिक वास्तु शैली से निर्मित हैं। शनिवार को बहरीन में हुई यूनेस्को की विश्व विरासत समिति की बैठक में दक्षिण मुंबई की विक्टोरीया गॉथिक व आर्ट डेको को विश्व विरासत सूची में शामिल करने का फैसला लिया गया।

महाराष्ट्र को पांचवीं बार यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में स्थान मिला है। इसके पहले अजंता, एलिफेंटा, वेरुल व छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसटीएम) को यूनेस्को विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया था। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पर खुशी जताई है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार की टीम ने यूनेस्को के सामने इन इमारतों को लेकर अपनी भूमिका रखी।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि यह पूरे महाराष्ट्र के लिए गर्व की बात है। इनमें मरीन ड्राइव और फोर्ट परिसर में स्थित 19वी शताब्दी में निर्मित विक्टोरियन वास्तु शैली कि इमारत और बीसवी शताब्दी के आर्ट डेको शैली की इमारतें शामिल हैं।

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई विश्व विद्यालय, पुराना सचिवालय, राष्ट्रीय आधुनिक कलासंग्रहालय, एल्फिस्टन महाविद्यालय, डेविडससून लाइब्रेरी, छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय, पश्चिम रेल्वे मुख्यालय, महाराष्ट्र पुलिस मुख्यालय, ओवल मैदान, क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया, बॅकबे रेक्लमेसन की पहली पंक्ति, दिनशॉ वाछा रोड पर स्थित राम महल, इरोस व रिगल सिनेमा हॉल और मरीन ड्राइव के सामने पहली पंक्ति में स्थित इमारतों का नामांकन यूनेस्कों की विश्व विरासत सूची के लिए किया गया था। यूनेस्को की तकनीकी समिति इंटरनॅशनल कौन्सिल फॉर  मोमेंटस एंड साईटस ने अब इन स्थलों को विश्व विरासत सूची में शामिल किए जाने को मंजूरी दे दी है।


पिछले साल यूनेस्को की समिति ने इन स्थलों का दौरा भी किया था। राज्य सरकार का मानना है कि इससे मुंबई में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और लंडन व यूरोपी शहरों के अनेक उद्योगपति मुंबई की और आकर्षित होंगे। मुंबई के इन स्थलों के यूनेस्को सूची में शामिल होने से विश्व विरासत सूची में भारत को 37वीं बार स्थान मिला है। यूनेस्को सूची में शामिल होने के मामले में भारत का दुनिया में सातवां स्थान है।