दैनिक भास्कर हिंदी: मकान खाली कराने के लिए की चाचा की हत्या-अनूपपुर स्टेशन पर हुआ गिरफ्तार

April 9th, 2018

डिजिटल डेस्क  शहडोल । धनपुरी पुलिस ने थानांतर्गत करोंदिया टोला बंडी खुर्द में चाचा की हत्या करने वाले आरोपी संतोष बैगा पिता प्रेमलाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ट्रेन से बिलासुपर भागने की फिराक में था, जिसे अनूपपुर रेलवे स्टेशन में दबोच लिया गया। आरोपी ने पुलिस ने बताया कि उसने अपने चाचा छोटेलाल पिता चिड्डू उम्र 36 वर्ष की हत्या इसलिए की थी क्योंकि वह अपने पुराने घर से निकालना चाहता था, लेकिन वह तैयार  नहीं था।
चाचा को बन चुका था इंदिार आवास
चाचा का नया मकान इंदिरा आवास में बन गया था, किंतु अपने पुराने मकान में ही रह रहा था, जिसमें आरोपी भी रहता था। आरोपी चाहता था कि वह नए मकान में चला जाए तो उसे रहने के लिए और जगह मिल जाएगी, किंतु समझाने के बाद भी नए मकान में नहीं जा रहा था। इसी बात को लेकर 17 मार्च को विवाद हुआ और संतोष ने कुल्हाड़ी से चाचा का कत्ल कर फरार हो गया। सूचना पर पुलिस ने धारा 302 का अपराध दर्ज कर उसकी तलाश शुरु की। आरोपी पहले इलाके के जंगलों में ही भाग रहा था, इसके बाद सागर, दमोह, कटनी, जबलपुर आदि स्थानों में घूमता फिरता रहा था। एक दिन पहले मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अनूपपुर स्टेशन से बिलासपुर भागने वाला है। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। पुलिस ने वह कुल्हाड़ी भी जब्त कर ली है जिसे हत्या के बाद घर के पास ही रामपाल के कुएं में फेंक दिया था। आरोपी की गिरफ्तारी में टीआई सतीश द्विवेदी के साथ उप निरीक्षक बीएन प्रजापति, एलबी तिवारी, प्रधान आरक्षक रामेश्वर पांडे, राजेंद्र तिवारी, आरक्षक हरपाल, ज्ञानेंद्र, सतीश, जेवेन्द, कृष्णा, शंकर, रंजीत, ठाकुरदास, शेख खान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सोशल मीडिया पर प्रशासन की नजर- सोशल मीडिया के बढ़ते दुरूपयोग को देखते हुए कलेक्टर ने कार्रवाई के संबंध में आदेश जारी की है। कहा गया है कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी। डिजिटल इण्डिया के दौर में सोशल मीडिया पर व्यक्तियों की अभिव्यक्ती स्वतंत्रता है लेकिन कई बार इसके उपयोग में सावधानी नहीं बरती जा रही है। ऐसे में कानून व्यवस्था की स्थितियां भी निर्मित हो जाती हैं। कलेक्टर ने कहा है कि सोशल मीडिया पर कई समूह (ग्रुप) बने हुये हैंं, जिन्हें समाचार समूह के नाम दिये जा रहे हैं जबकि कई तथ्य बिना पुष्टि के सीधे कट पेस्ट कर अग्रेषित किये जा रहे हैं। कुछ लोगों द्वारा व्हाट्स अप एवं फेसबुक पर तरह-तरह के आपत्ति जनक संदेश, चित्रों व वीडियो, आडियो मैसेज का प्रसारण कर शांति व्यवस्था के विरूद्ध वातावरण निर्मित  किया जा रहा है। आपत्ति जनक पोस्ट से उतनी  ैमनस्यता का संचार नहीं होता, जिनका की उस पर आये कमेंटस के कारण होता है।