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मंत्रिमंडल फैसले : कोरोना के लिए विधायक निधि होगी खर्च, सड़क हादसे में घायलों को 30 हजार तक मुफ्त इलाज, पुलिस में होगी भर्ती

मंत्रिमंडल फैसले : कोरोना के लिए विधायक निधि होगी खर्च, सड़क हादसे में घायलों को 30 हजार तक मुफ्त इलाज, पुलिस में होगी भर्ती

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश के विधायक राज्य सरकार के कोरोना वायरस के खिलाफ चलाए जा रहे ‘मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान में स्वास्थ्य सामग्री खरीदी के लिए विधायक निधि का इस्तेमाल कर सकेंगे। विधायक इस अभियान को चलाने के लिए बनाई गई स्वास्थ्य विभाग की टीम के लिए स्वास्थ्य सामग्री खरीदी पर 20 लाख रुपए तक की विधायक निधि खर्च कर सकेंगे। प्रदेश सरकार के नियोजन विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। 

शासनादेश के मुताबिक विधायकों को 27 मार्च 2020 के शासनादेश के जरिए 20 लाख रुपए की विधायक निधि उपलब्ध कराई जा चुकी है। उस 20 लाख रुपए में से बची विधायक निधि का इस्तेमाल ‘मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान के लिए किया जा सकेगा। इसके अलावा सरकार की ओर से विधायकों को उनके निर्वाचन क्षेत्र के लिए और 20 लाख रुपए उपलब्ध कराए जाएंगे। इस निधि का उपयोग केवल 25 अक्टूबर तक चलने वाले ‘मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान के लिए किया जा सकेगा। विधायकों के स्वास्थ्य सामग्री खरीदी की सिफारिशों को मंजूरी देने का अधिकार संबंधित जिलाधिकारी के पास होगा। 

स्वास्थ्य सामग्री की आपूर्ति सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा निश्चित मशीनरी के माध्यम से की जाएगी। सरकार ने मंगलवार से प्रदेश में ‘मेरा परिवार, मेरी जिम्मेदारी’ अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर लोगों के शरीर के तापमान और ऑक्सीजन के स्तर की जांच करेगी। कोरोना के संदिग्ध मरीजों और अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों का पता लगाएगी। सरकार ने अगले एक महीने में दो चरणों में 2.25 करोड़ परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है।  

सड़क हादसे में घायलों को 30 हजार रुपए तक मुफ्त में  मिल सकेगा इलाज 

प्रदेश में सड़क हादसों में घायल हुए व्यक्तियों को अब 30 हजार रुपए तक का मुफ्त में इलाज मिल सकेगा। सड़क हादसे के बाद 72 घंटे तक जख्मी व्यक्ति पास के अस्पताल में अपना उपचार करा सकेंगे। बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल ने स्वर्गीय बालासाहब ठाकरे सड़क हादसा बीमा योजना लागू करने को मंजूरी दी है। मंत्रालय में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि इस योजना के जरिए सड़क हादसे में घायलों को गोल्डन आवर यानि शुरुआती के 72 घंटे तक इलाज मिल सकेगा। सड़क हादसे में जख्मी हुए व्यक्तियों को 74 पद्धति के उपचार की सुविधा मिल सकेगी। उन्हें 30 हजार रुपए तक मुफ्त में इलाज मिल सकेगा। जख्मियों को अस्पताल के आईसीयू व वार्ड में उपचार, हड्डी फ्रैक्चर का इलाज समेत भोजन की सुविधा दी जाएगी। इस योजना का लाभ औद्योगिक हादसे, दैनिक कामकाज के दौरान अथवा घर में होने वाले हादस और रेलवे ट्रेन दुर्घटनाओं में जख्मी होने वाले व्यक्तियों को नहीं मिल सकेगा। इस योजना का लाभ महाराष्ट्र के सड़कों पर होने वाले हादसे में जख्मी हुए व्यक्तियों को मिल सकेगा। यदि जख्मी व्यक्ति किसी दूसरे प्रदेश अथवा देश का होगा तो भी उन्हें उपचार मिल सकेगा। टोपे ने कहा कि योजना लागू करने के लिए सालभर में लगभग 125 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। इस योजना को लागू करने के लिए राज्य स्वास्थ्य गारंटी सोसायटी को आर्थिक अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद सोसायटी की प्रचलित पद्धति से बीमा कंपनी का चयन किया जाएगा। इस योजना के बारे में शिकायतों के पंजीयन के लिए टोल फ्री नंबर उपलब्ध कराया जाएगा। मुंबई के वरली स्थित राज्य स्वास्थ्य गारंटी सोसायटी के माध्यम से यह योजना लागू की जाएगी। प्रदेश में राज्य महामार्ग और ग्रामीण सड़कों पर हर साल लगभग 40 हजार व्यक्ति जख्मी हो जाते हैं जबकि 13 हजार व्यक्तियों की मौत होती है।  

हर जिले में कृषि महोत्सव का होगा आयोजन 
  
प्रदेश के हर जिले में कृषि महोत्सव आयोजित करने को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। कोरोना की परिस्थिति खत्म होने के बाद सभी जिलों में 5 दिन का कृषि महोत्सव आयोजित होगा अथवा अगले साल से आत्मा नियामक मंडल के माध्यम से कृषि महोत्सव आयोजित किया जाएगा। किसानों को कृषि विश्वविद्यालय और कृषि अनुसंधान केंद्र के माध्यम से आधुनिक तकनीक के बारे में जानकारी उपलब्ध होती है। किसानों को सीधे ग्राहकों को उत्पाद बेचने का अवसर मिलता है। इसलिए जिला कृषि महोत्सव का आयोजन किया जाता है। 

अंबड में जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायालय बनाने को मंजूरी       

जालना जिले के अंबड में जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायालय और दीवानी न्यायाधीश वरिष्ठ स्तर का न्यायालय के स्थापना व पदसृजन को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। जालना और अंबड के बीच 26 मिमी की दूरी है। प्रलंबित प्रकरणों की संख्या व आधारभूत सुविधा का विचार करते हुए न्यायालय स्थापना को मंजूरी दी गई है। इस न्यायालय के लिए इमारत उपलब्ध है।  

महाराष्ट्र में 12528 पुलिसकर्मियों की होगी भर्ती

महाराष्ट्र में 12 हजार 528 पदों पर पुलिसकर्मियों की भर्ती की जाएगी। बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने मंत्रालय में बताया कि पहली बार इतने बड़े पैमाने पर पुलिसकर्मियों की भर्ती हो रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरु की जाएगी। इससे शहरी और ग्रामीण युवकों को रोजगार के मौके मिल सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मराठा आरक्षण पर लगाई गई अंतरिम रोक के मद्देनजर गृह विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह सामान्य प्रशासन विभाग और विधि व न्याय विभाग की सलाह के अनुसार आगे की कार्यवाही करे। पुलिस सिपाही सवर्ग के 12023 और मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय के लिए नव सृजित 975 पदों में से पुलिस सिपाही के 505 पदों सहित कुल 12 हजार 528 पदों के लिए 100 फीसदी भर्ती की जाएगी। 

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