comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

दलित शब्द पर हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे केन्द्रीय मंत्री

September 06th, 2018 00:26 IST
दलित शब्द पर हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे केन्द्रीय मंत्री

डिजिटल डेस्क,  नई दिल्ली। केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने जिन हरिजन-गिरिजन, दलित जैसे शब्द का इस्तेमाल करने पर कार्यालय आदेश निकालकर पाबंदी लगाई है, उसी विभाग के मंत्री उस आदेश का उल्लंघन करते नजर आ रहे हैं। केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा कि दलित शब्द अपमानजनक नही है। इसका इस्तेमाल कोई बोलचाल या लिखने में करता है तो करें। आठवले ने बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच के फैसले पर कहा कि वे इसके खिलाफ पार्टी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे।

गौरतलब है कि सामाजिक न्याय मंत्रालय ने खुद अगस्त 1990 में एक कार्यालय आदेश निकालकर अनुसूचित जाति के लिए हरिजन-गिरिजन के अलावा अन्य गैर संवैधानिक शब्दों का प्रयोग करने से परहेज किया है। हालांकि केन्द्र ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच के जनवरी 2018 के फैसले के बाद डॉ आंबेडकर विचारमंच के महामंत्री आरएल कैन द्वारा डाली गई आरटीआई के जवाब में दलित शब्द के पाबंदी के बारे में विभाग द्वारा कोई कदम नही उठाए जाने की बात कहीं है। इसके साथ ही कैन द्वारा  प्रेस कॉन्सिल ऑफ इंडिया को भी पत्र लिखा था। प्रेस कॉन्सिल ने भी उनके जवाब में कहा कि उनके तरफ से दिए गए फैसलों में दलित शब्द के इस्तेमाल करने से बचने का आग्रह किया है।

आठवले को जब अपने विभाग के आदेश के बारे में पूछे जाने पर उन्होने कहा कि वह सरकारी कामकाजों में दलित शब्द का प्रयोग नही करने को लेकर है। अगर कोई व्यक्ति बोलचाल में या लिखने में करता है तो उसके लिए पाबंदी नही है। उनको यह पूछने पर भी पूछा गया कि जिन लोगों को दलित कहा जाता है उनके लिए संविधान में अनुसूचित जाति का प्रयोग किया गया है और आप दलित शब्द के इस्तेमाल के पक्ष में है। ऐसे में आप संविधानिक शब्द के इस्तेमाल को नकार नही रहे है? इस पर उनका कहना था कि ऐसी कोई बात नही वह संविधान का आदर करते है।
 

कमेंट करें
OkfyT
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।