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यूनिवर्सिटी के नैक मूल्यांकन पर संकट ,अब तक नहीं भेजी सेल्फ स्टडी रिपोर्ट

यूनिवर्सिटी के नैक मूल्यांकन पर संकट ,अब तक नहीं भेजी सेल्फ स्टडी रिपोर्ट

डिजिटल डेस्क,नागपुर। यूनिवर्सिटी ने नेशनल एसेसमेंट व एक्रिडेशन काउंसिल (नैक) को अब तक सेल्फ स्टडी रिपोर्ट (एसएसआर) नहीं भेजी है। ऐसे में विश्वविद्यालय के नैक मूल्यांकन पर संकट के बादल हैं। जब तक यह रिपोर्ट नैक को नहीं भेजी जाती, तब तक नैक मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकती। नियमानुसार यूनिवर्सिटी को अगस्त में ही यह रिपोर्ट नैक को भेजना चाहिए थी, लेकिन रिपोर्ट तैयार करने में यूनिवर्सिटी की ओर से विलंब हो रहा है। यह रिपोर्ट अब तक तैयार नहीं की जा सकी है। अभी भी यूनिवर्सिटी में नैक को लेकर विभाग प्रमुखों की बैठकों का दौर ही चल रहा है। बता दें कि, नैक शैक्षणिक संस्थाओं का मूल्यांकन करके उन्हें ग्रेड देता है। पिछले मूल्यांकन में यूनिवर्सिटी को तीन वर्ष के लिए ‘ए’ ग्रेड मिला था। नियमानुसार इसकी अवधि समाप्त होने के पहले ही एसएसआर रिपोर्ट भेजकर यूनिवर्सिटी को पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करना पड़ता है। मूल्यांकन नहीं होने पर यूजीसी और रूस यूनिवर्सिटी को निधि देना बंद कर देंगे। 

जारी है रंगरोगन, पर मूलभूत सुविधाएं नहीं

नैक मूल्यांकन के मद्देनजर यूनिवर्सिटी के विविध विभागों में रंगरोगन जारी है। कई विभागों में कंस्ट्रक्शन का कार्य चल रहा है, लेकिन यूनिवर्सिटी की वास्तविक स्थिति देखें तो सुविधाओं का कैंपस में अभाव है। नागपुर विश्वविद्यालय के कैंपस में विद्यार्थियों की संख्या 3 हजार के करीब है। यूनिवर्सिटी की कुल दो लाइब्रेरी हैं। एक लाइब्रेरी कैंपस में है और दूसरी रामदासपेठ में। कैंपस की लाइब्रेरी में करीब 100 विद्यार्थियों के पढ़ने के प्रबंध है, तो रामदास पेठ की लाइब्रेरी में करीब 200 का। शेष विद्यार्थियों  के लिए लाइब्रेरी नहीं है। ऐसा ही हाल होस्टलों में भी है। नैक के मापदंड कैंपस में होस्टलों की सुविधा पर भी टिके हैं। निर्देश है कि, हाेस्टल में विद्यार्थियों के लिए लगातार क्षमता बढ़ती रहनी चाहिए, लेकिन यूनिवर्सिटी के अमरावती रोड स्थित अपर होस्टल और लॉ कॉलेज चौक स्थित लोअर होस्टल, गांधी नगर के गर्ल्स होस्टल में करीब 700 विद्यार्थियों के रहने की ही क्षमता है।

जल्द भेजेंगे रिपोर्ट

नैक को एसएसआर रिपोर्ट जल्द ही भेजी जाएगी। सभी विभागों में इस पर तेजी से काम चल रहा है। दिसंबर तक रिपोर्ट भेजी जा सकती है। विवि के ग्रेड पर इसका कोई विपरित असर नहीं होगा।  - डॉ. विनायक देशपांडे, प्रभारी प्र-कुलगुरु, नागपुर यूनिवर्सिटी 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।