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92 शिक्षक नियुक्ति के लिए यूनिवर्सिटी अधिकारी करेंगे मुंबई दौरा

92 शिक्षक नियुक्ति के लिए यूनिवर्सिटी अधिकारी करेंगे मुंबई दौरा

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  दिसंबर में हुए विधानमंडल अधिवेशन के दौरान हुई बैठक में पदभर्ती का आश्वासन देने वाले उच्चशिक्षा विभाग सचिव सौरभ विजय से मिलने के लिए राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के अधिकारी मुंबई का दौरा करेंगे। दरअसल, 17 दिसंबर 2019 को प्रधान सचिव, विभाग के अन्य अधिकारियों और यूनिवर्सिटी अधिकारियों के बीच एक अहम बैठक हुई थी। सौरभ विजय ने बैठक में पदभर्ती के लिए पिछड़ावर्ग विभाग को पत्र देने का आश्वासन दिया था। अब तक पिछड़ावर्ग विभाग को पत्र नहीं भेजे जाने से यूनिवर्सिटी के अधिकारी अब मुंबई जाने की तैयारी कर रह हैं। 

राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय मंे लंबे समय से लटकी पड़ी 92 शिक्षक पदों की भर्ती प्रक्रिया की सुगबुगाहट फिर शुरु हुई है। पिछली बैठक में  मुद्दा उठा था कि, यूनिवर्सिटी ने पदभर्ती की अनुमति के लिए पिछड़ावर्ग विभाग को जो प्रस्तावी भेजा था, वह लंबे समय से विचाराधीन है। ऐसे में बैठक में उपस्थित उच्च व तंत्र शिक्षा विभाग के सचिव सौरभ विजय ने आश्वासन दिया कि, वे खुद पिछड़ावर्ग विभाग को जल्द निर्णय लेने के लिए पत्र लिखेंगे। बैठक में अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी को निर्देश दिए कि, वे अपने यहां विदेशी भाषाएं जैसे चाइनीज, जर्मन और अन्य पाठ्यक्रम शुरू करें। जिन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थी नहीं मिल रहे हैं उसे बंद करने पर विचार करेें। नए पाठ्यक्रमों के लिए नए शिक्षक पदों को मंजूर करने का आश्वासन भी अधिकारियों की ओर से दिया गया है।

इसलिए रुकी थी पदभर्ती
बता दें कि, यूनिवर्सिटी में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। बीते चार वर्ष में कई बार पदभर्ती को लेकर प्रक्रिया शुरू तो हुई, लेकिन किसी न किसी कारण मामला ठंडे बस्ते में चला गया। पिछली बार जब यह प्रक्रिया शुरू हुई, तब सरकार ने सभी गैर कृषि विश्वविद्यालयों को सुधारित प्रारूप के अनुसार पदभर्ती प्रस्ताव भेजने काे कहा था। जिसके बाद सरकार ने विवि को 80 प्रतिशत पद भरने को मंजूरी दी है। इसके अनुसार यूनिवर्सिटी में कुल 92 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति की तैयारी हुई, लेकिन मामला मराठा आरक्षण को लेकर लटक गया। सरकार द्वारा दिए गए 16 प्रतिशत आरक्षण को बॉम्बे हाईकोर्ट ने घटा का 12 प्रतिशत कर दिया। सरकार को जीआर जारी करके इसे अमल में लाना था, लेकिन अब तक सरकार का जीआर नही आने से नागपुर विश्वविद्यालय का पदभर्ती रोस्टर तैयार नहीं हुआ। यहीं कारण था कि, पिछड़ावर्ग विभाग ने पदभर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति रोक कर रखी।

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