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उद्गम स्थल से प्रदूषित नहीं होगी नर्मदा, लगेंगे एसटीपी- खर्च होंगे 50 करोड़ 

उद्गम स्थल से प्रदूषित नहीं होगी नर्मदा, लगेंगे एसटीपी- खर्च होंगे 50 करोड़ 

डिजिटल डेस्क शहडोल । नर्मदा नदी के प्रदूषित होने में सबसे बड़ा रोल सीवर का है। इसके आसपास की वसाहट का गंदा पानी नदी मिलता और पानी को दूषित करता है। नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक से ही यह समस्या शुरू हो जाती है और डिंडौरी तक जारी रहती है। इसको ध्यान में रखते हुए अमरकंटक और डिंडौरी में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को मंजूरी मिल गई है। अमरकंटक में तो इसका काम भी शुरू हो चुका है। 
  नगरीय विकास विभाग के अंतर्गत आने वाली मप्र अर्बन डेवलपमेंट कंपनी (एमपीयूडीसी) दोनों शहरों में एसटीपी का निर्माण कर रही है। इसके तहत पूरे शहर में पाइपलाइन बिछाई जाएगी और शहर के बाहर के बाहर निर्मित एसटीपी तक लाया जाएगा। यहां इसका ट्रीटमेंट होगा और फिर पानी नदी में मिलेगा। दोनों शहरों में करीब 50 करोड़ की लागत से इसका निर्माण हो रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय से दोनों प्रोजेक्ट को अनुमति मिल चुकी है। अमरकंटक में तो पाइप लाइन बिछाने का काम भी शुरू हो गया है। एसटीपी स्थापित होने से नर्मदा नदी के प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। 
अमरकंटक - दो हजार घरों को जोड़ा जाएगा
अमरकंटक में शासकीय भूमि खसरा नंबर 215/1/ख/1 पटवारी हल्का 120 ग्राम भेजरी में एसटीपी के लिए जमीन चिन्हित की गई है। यहां 2000 वर्गफुट क्षेत्र में एसटीपी का निर्माण किया जाएगा। यहां 1200 केएलडी (किलोलीटर पर डे) सीवर का ट्रीटमेंट किया जा सकेगा। पूरे शहर में सीवेज का नेटवर्क बिछाया जाएगा और चार से पांच इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन (आईपीएस) बनाए जाएंगे। इसमें नगर के 2000 से अधिक घरों को कनेक्शन दिए जाएंगे। एक तरह से पूरा शहर से इससे कनेक्ट कर दिया जाएगा। यह पूरा प्रोजेक्ट करीब 14 करोड़ रुपए का है। इसकी प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है और काम भी शुरू हो चुका है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय से भी इस वर्ष 5 अगस्त को इसकी अनुमति मिल चुकी है। 

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