comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

नक्सलवाद को बढ़ाने नए दलम हो रहे ऑपरेट

नक्सलवाद को बढ़ाने नए दलम हो रहे ऑपरेट

डिजिटल डेस्क, नागपुर। महाराष्ट्र के विदर्भ और मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पैर पसार चुका है। नक्सलवाद बढ़ाने के लिए कई छोटे-छोटे दलम ऑपरेट हो रहे हैं। पुलिस के लिए रिस्ट्रिक्शन है, लेकिन किसी नक्सली या अपराधी के लिए नहीं।  क्राइम की बात हो या फिर बेसिक को-ऑर्डिनेशन की, सिर्फ अंतरराज्यीय सीमाओं पर नजर रखने से नहीं होता है। अंतरराज्यीय सीमाओं पर नजर रखने के साथ ही को-ऑर्डिनेशन बेहद महत्वपूर्ण होता है। अपराध को पुलिस को-आर्डिनेशन से ही रोक सकती है। यह बात पुलिस परिमंडल-2 की उपायुक्त विनीता साहू ने कही। दैनिक भास्कर कार्यालय में अनौपचारिक चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि हाल ही में नागपुर के पुलिस उपायुक्त की जिम्मेदारी संभाली। वे वाशिम, भंडारा और गोंदिया में कार्य कर चुकी हैं। 

धर-पकड़ तभी संभव

उन्होेंने कहा कि कई बार अपराधी घटना को अंजाम देने के बाद जगह बदल देते हैं। ऐसे समय में को-ऑर्डिनेशन के माध्यम से ही धर-पकड़ की जा सकती है। कई बार अपराधी को बाहर पकड़ने पर स्थानीय पुलिस का उतना सपोर्ट नहीं मिल पाता है, और तब को- ऑर्डिनेशन ही काम आता है। तीन राज्यों की सीमा से जुड़े जिलों में कार्य करने का अनुभव काफी रोमांचित करने वाला रहा। 
आर्गनाइज्ड क्राइम बढ़ रहा

उन्होंने कहा कि आर्गनाइज्ड क्राइम बढ़ रहा है। एक-दूसरे से सारे जुडे़ हुए जिलों में विचरण करने वाले अपराधियों के बारे में जानकारी एक्सचेंज करना भी जरूरी होता है। 6 माह में इस सिलसिले में पड़ोसी राज्यों के साथ बैठकें होती हैं, तब क्रिमिनल्स के बारे में सूचनाओं का आदान-प्रदान िकया जाता है। इसके लिए उच्च स्तरीय पुलिस अधिकारियों की बैठकें होती रहती हैं। 

नागपुर में प्रयोग करेंगी

भंडारा में मैंने ऑपरेशन उड़ान शुरू किया। इसके लिए निधि प्रदान की गई थी। यह प्रयोग वह नागपुर में भी करेंगी। स्कूल कॉलेज में टीचर और परिजनों के लिए वर्कशॉप का आयोजन किया गया था। प्रेम संबंधों के मामले में एक बात देखने में लड़कियां काफी सीरियस होती हैं, लेकिन लड़के सीरियस नहीं होते हैं। विदर्भ और मराठवाड़ा की लड़कियों को राजस्थान में जबरन शादी करा दी जाती है। यहां पर 50 साल के व्यक्ति के साथ 13-15 साल की लड़की की शादी करा दी जाती है।  

पुलिस का दायरा तय

उन्होंने कहा कि क्राइम के तरीके को आइडेंटीफाइ नहीं किया जा सकता है। पुलिस का दायरा तय है, लेकिन अपराधियों का कोई दायरा तय नहीं होता है।  वह कहीं पर भी अपराध कर दूसरे राज्य में भाग जाते हैं। 

साइबर अपराध पर भी फोकस

साइबर अपराध पर भी फोकस करने की पहल हो चुकी है। इस पर और फोकस करने की जरूरत है। ब्लू गेम, पब जी सहित अन्य गेम वाइलेंस गेम हैं। बच्चों को रोकने पर उस गेम के लिए उनके अंदर उत्सुकता पैदा होने लगती है।

कमेंट करें
I0FCs
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।