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लापरवाही: कोरोना पॉजिटिव की कर दी अस्पताल से छुट्टी, मचा हड़कंप

लापरवाही: कोरोना पॉजिटिव की कर दी अस्पताल से छुट्टी, मचा हड़कंप


डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा। वैश्विक महामारी कोरोना का प्रकोप जिले में तेजी से फैल रहा है। मंगलवार को एक और युवक के पॉजिटिव आने के बाद जिले में दस कोरोना पॉजिटिव हो गए है। कोरोना संक्रमण के बीच मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। कोरोना संदिग्ध की जांच रिपोर्ट आने से पहले ही उसे जिला अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। मंगलवार सुबह युवक और उसकी मां व पिता को 108 एम्बुलेंस से जिला अस्पताल से पिपलानारायणवार भेज दिया गया था। युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव प्राप्त होने पर जब प्रशासनिक अधिकारियों ने अस्पताल में संपर्क किया तो मामला खुलकर सामने आया कि युवक को घर भेजा जा चुका है। आनन-फानन में सौंसर के प्रशासनिक और स्वास्थ्य अधिकारियों से संपर्क कर संक्रमित को दोबारा जिला अस्पताल लाया गया।
गौरतलब है कि मुंबई में मजदूरी करने वाला पिपलानारायणवार निवासी युवक पिछले दिनों अपने साथियों के साथ लौटा था। वह नरखेड़ निवासी संक्रमित युवक के संपर्क में आया था। इसके बाद एहतियात के तौर पर उसे व उसके  माता-पिता को जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया था। रविवार को अन्य मरीजों के साथ तीनों के सेंपल जांच के लिए भेजे गए थे। सोमवार रात को युवक के माता-पिता की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आ गई थी। युवक की जांच रिपोर्ट पेंडिंग थी। अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही करते हुए मंगलवार सुबह माता-पिता के साथ संदिग्ध को भी घर भेज दिया था।  
ट्रेवल हिस्ट्री... मुंबई से 11 साथियों के साथ लौटा था मजदूर
सौंसर बीएमओ डॉ एनके शास्त्री ने बताया कि युवक मुंबई में रहकर मजदूरी करता है। 28 मई को 11 मजदूरों के साथ वह महाराष्ट्र के नरखेड़ पहुंचा था। युवक को उसके परिचित ने नरखेड़ से बाइक पर बड़चिचोली तक छोड़ा था। यहां से गांव के एक अन्य युवक के साथ वह घर लौटा था। नरखेड़ में उतरे 11 मजदूरों में से दो युवक पॉजिटिव मिले थे। पॉजिटिव की कांटेक्ट हिस्ट्री में उक्त युवक का नाम सामने आने पर स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 30 मई को उसे व उसके माता-पिता को जिला अस्पताल रेफर किया था। जिसकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
होम क्वारेंटाइन था युवक-
28 मई को मुंबई से लौटे युवक को प्रशासन द्वारा होम क्वारेंटाइन किया गया था। नरखेड़ में दो युवकों के संक्रमित मिलने के बाद 30 मई को प्रशासन ने युवक और उसके परिजनों को जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा था। युवक की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
वार्ड सील, संपर्क में आए युवक को किया क्वारेंटाइन-
युवक की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही स्थानीय प्रशासन ने संक्रमित और उसके माता-पिता को दोबारा जिला अस्पताल भेजा है। वहीं पिपलानारायणवार के वार्ड नम्बर तीन को सील कर दिया गया है। इसके अलावा यहां सेनेटाइजर का छिड़काव कराया जा रहा है। वहीं बड़चिचोली से जिस युवक ने उसे बाइक पर गांव लाया था। उसे शेल्टर होम में शिफ्ट किया गया है।    
एक एम्बुलेंस में तीनों को भेजा घर-
1 जून की रात संक्रमित के माता-पिता की जंाच रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। जिसके बाद प्रबंधन ने दोनों नेगेटिव के साथ युवक को भी अस्पताल से छुट्टी दे दी। मंगलवार सुबह 108 एम्बुलेंस से संक्रमित युवक समेत उसके माता-पिता एक ही एम्बुलेंस में सवार हो गांव पहुंचे थे। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। एहतियात के तौर पर दोबारा तीनों को जिला अस्पताल लाया गया है।
डिस्चार्ज करने वाले डॉक्टर को थमाया नोटिस-
कोरोना नोडल अधिकारी डॉ.भूपेन्द्र जैन ने बताया कि संदिग्ध की रिपोर्ट आने से पहले डिस्चार्ज करना गंभीर लापरवाही है। मरीज को डिस्चार्ज करने वाले डॉ.आशीष अग्रवाल को नोटिस जारी किया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।