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उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था नहीं, नितीन राऊत ने कहा - सरकार को करें बर्खास्त

उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था नहीं, नितीन राऊत ने कहा - सरकार को करें बर्खास्त

डिजिटल डेस्क, नागपुर। आजमगढ़ मामले को लेकर राज्य के ऊर्जा व जिले के पालकमंत्री डॉ. नितीन राऊत ने उत्तरप्रदेश सरकार की जमकर आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि उत्तरप्रदेश में कानून व्यवस्था नहीं रह गई है। वहां की सरकार को तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए। डॉ. राऊत ने एनसीआरबी अर्थात नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा है कि दलित, महिला पर अत्याचार के मामले में उत्तरप्रदेश देश में सबसे आगे हैं। शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में डॉ. राऊत बोल रहे थे। गुरुवार को आजमगढ़ में उन्हें पुलिस ने रोका था। लिहाजा उन्हें धरना प्रदर्शन भी करना पड़ा था। डॉ. राऊत ने कहा-उत्तरप्रदेश में दलित समाज के सरपंच सत्यमेव जयते की गोली मारकर हत्या की है। उनके परिवार को सांत्वना देने के लिए मैं वहां गया था। लेकिन आजमगढ़ की सीमा पर पुलिस ने रोका। पुलिस की निगरानी में ही मुझे विमानतल पर छोड़ा गया। उत्तरप्रदेश का अतिथि होने के बाद भी मेरे साथ इस तरह का व्यवहार हुआ। वहां की सरकार को अतिथि सत्कार का धर्म निभाना नहीं आया। उत्तरप्रदेश सरकार दबाव की राजनीति कर रही है। डॉ. राऊत ने यह भी कहा कि सत्यमेव जयते के परिवार को सांत्वना देने के लिए उत्तरप्रदेश जाने का कार्यक्रम नियोजित था। वहां की सरकार को पहले ही सूचना दी गई थी। फिर भी पुलिस ने रोका। करीब दो ढाई घंटे तक प्रदर्शन करना पड़ा। 

बिजली राहत का पैकेज तैयार  

ऊर्जामंत्री डॉ. राऊत ने कहा कि लाकडाउन के दौरान बिजली दर के मामले में उपभोक्ताओं को कुछ राहत देने का विचार चल रहा है। कुछ बिल माफ करने व कुछ को छूट देने का विचार है। इस संबंध में पैकेज भी तैयार किया गया है। राज्य मंत्रिमंडल की अगली बैठक में पैकेज पर चर्चा के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा। जिले में कोरोना प्रभाव के बारे में उन्होंने कहा कि प्रशासन के साथ सभी राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं में भी समन्वय की आवश्यकता है। यहां कम्युनिटी संक्रमण की स्थिति बन गई है। व्यवसायियों को भी प्रशासन के निवेदन का पालन करना चाहिए। 

उत्तर प्रदेश सरकार के विरोध में प्रदर्शन

पालकमंत्री डॉ. नितीन राऊत को रोकने के मामले को लेकर उनके समर्थकों ने उत्तरप्रदेश सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया। इंदोरा चौक में प्रदर्शन के दौरान उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरोध में नारे भी लगाए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि उत्तरप्रदेश में दलितों पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ रही हैं। वहां की सरकार का नियंत्रण नहीं है। कार्यकर्ताओं में कृष्ष्णकुमार पांडे, बंडोपंत टेंभुर्णे, अनिल नगरारे, रवींद्रसिंह राणा, जयंत जांभुलकर शामिल थे।

 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।