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न नोटिस, न सूचना, सीधे बैठक बुलाकर कर दिया बाहर, 180 सफाई कर्मचारी निकाले

न नोटिस, न सूचना, सीधे बैठक बुलाकर कर दिया बाहर, 180 सफाई कर्मचारी निकाले

डिजिटल डेस्क, नागपुर। कोरोना संकट के दौरान शहर में जान हथेली पर लेकर कचरा संकलन का काम करने वाले 180 सफाई कर्मचारियों को मनपा द्वारा संचालित एजी एन्वॉयरो कंपनी ने एक झटके में बाहर कर दिया है। विशेष यह कि कंपनी ने इसकी न कोई पूर्व सूचना दी और न कोई नोटिस जारी किया। रविवार को जेरिल लॉन के पास सुदर्शन सभागृह में सभी 180 कर्मचारियों को बैठक में बुलाकर उन्हें बाहर करने की जानकारी दी। बाहर किए गए कर्मचारियों को 2-2 महीने का वेतन और बोनस देने का भरोसा दिया गया। उनसे जबरन हस्ताक्षर भी लेने की खबर है। कुछ कर्मचारियों ने रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने का विरोध करते हुए कंपनी पर अन्याय करने का आरोप लगाया। 
 

मनपा आयुक्त का घेराव

कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वे मध्यस्थ को 20-20 हजार रुपए देकर कंपनी में नौकरी पर लगे थे, लेकिन साल भर के अंदर उन्हें निकाला जा रहा है। इसे लेकर कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। इसके विरोध में मंगलवार को कर्मचारियों ने मोर्चा निकालकर मनपा आयुक्त के घेराव करने का निर्णय लिया।  गौरतलब है कि शहर में दो कंपनियों को पांच-पांच जोन बांटकर कचरा संकलन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन शुरू से ही दोनों कंपनियां कर्मचारियों के प्रति व्यवहार को लेकर विवादों में रही है। कंपनी के व्यवहार को लेकर आए दिन अचानक हड़ताल पर जाने की भी खबरें आती रहीं।कोरोना संकट के बीच निकाले जाने से मामला गर्मा गया है। मामले की जानकारी मिलते ही  असंगठित कामगार कांग्रेस के अध्यक्ष युगल विदावत घटनास्थल पर पहुंचे और इसका विरोध किया। मामले की जानकारी विधायक विकास ठाकरे को भी दी गई। मंगलवार को मनपा आयुक्त से इस संबंध में मुलाकात की जाएगी। विदावत ने बताया कि कोरोना संकट के दौरान इन सभी कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए घर-घर से कचरा संकलन और शहर को साफ रखने का काम किया है। सरकार ने निर्देश भी दिए हैं कि इस संकट में किसी कर्मचारी को निकाला न जाए। इसके बावजूद कंपनी ने घाटे का बहाना बताकर 180 कर्मचारियों को एक झटके में बाहर कर दिया है। 
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।