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इस्कॉन का कोई और नहीं कर सकता इस्तेमाल, हाईकोर्ट का आदेश 

इस्कॉन का कोई और नहीं कर सकता इस्तेमाल, हाईकोर्ट का आदेश 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में स्पष्ट किया है कि इस्कॉन एक जाना माना ट्रेडमार्क हैं और यह सिर्फ धार्मिक संस्था इंटरनेशनल सोसायटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) से जुड़ा है। इसके अलावा इससे किसी का संबंध नहीं है। न्यायमूर्ति बीपी कुलाबावाला ने इस्कॉन संस्था की ओर से बौद्धिक संपदा को लेकर दायर किए गए दावे पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। याचिका में मांग की गई थी कि इस्कॉन एप्रेल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को अपने व्यवसाय में इस्कॉन नाम का इस्तेमाल करने से रोका जाए। क्योंकि यह कंपनी इस्कॉन नाम से ऑनलाइन कपड़े बेच रही है।

फरवरी 2020 में उन्हें इस बारे में जानकारी मिली। यह नियमों का उल्लघंन है। इसलिए एप्रेल कंपनी को इस्कॉन नाम का ट्रेडमार्क इस्तेमाल करने से रोका जाए। इस दौरान न्यायमूर्ति को बताया गया की कंपनी ने अब अपना नाम बदल लिया है। मार्च में हाईकोर्ट धार्मिक संस्था इस्कॉन को  अंतरिम राहत दी थी। जिसे अब स्थायी कर दिया गया है। 

इस बात को जानने के बाद न्यायमूर्ति ने कहा कि इस्कॉन काफी विख्यात नाम है। इसने भारत ही नहीं विश्वभर में अपनी पहचान बनाई है। दस्तावेज दर्शाते हैं की धार्मिक संस्था का ही इस्कॉन नाम पर अधिकार है। जिसकी सुरक्षा जरुरी है। 

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