दैनिक भास्कर हिंदी: अवनी शिकार मामला : वनमंत्री ने नहीं, प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने दिया था मारने का आदेश

November 11th, 2018

डिजिटल डेस्क, मुंबई। आदमखोर बाघिन अवनी को पकड़ने का प्रयास विफल होने पर उसे मारने का आदेश वनमंत्री सुधीर मुनगंटीवार नहीं बल्कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव) ने दिया था। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की मान्यता थी। शनिवार को वन विभाग की तरफ से यह स्पष्टीकरण दिया गया।

अवनी शिकार मामले को लेकर सामने आए विवाद पर विभाग की तरफ से कहा गया है कि यवतमाल जिले में इस आदमखोर बाघिन की वजह से 13 लोगों की जान गई थी। बीते 2 नवंबर 2018 की रात बाघिन को बेहोश करने की कोशिश की गई थी, लेकिन बाघिन ने वनकर्मीयों पर हमला कर दिया।

आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी, जिसकी वजह से बाघिन की मौत हो गई। विभाग की तरफ से बताया गया कि वनमंत्री मुनगंटीवार के कार्यकाल में प्रधान वन संरक्षक (वन्य जीव) कार्यालय की तरफ से दो बार इस तरह का आदेश दिया गया।

2017 में एक नरभक्षी बाघ को पकड़ने में सफलता मिली थी। जबकि दूसरी बार 2 नवंबर 2018 को अवनी मामले में यह आदेश दिया गया था। बाकी बाघों की मौत प्राकृतिक व दुर्घटनाओं की वजह से हुई है।

 

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