comScore

पहली-दूसरी कक्षा के बच्चों के लिए सप्ताह में पांच दिन 30 मिनट की होगी ऑनलाईन क्लास

पहली-दूसरी कक्षा के बच्चों के लिए सप्ताह में पांच दिन 30 मिनट की होगी ऑनलाईन क्लास

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश में पूर्व प्राथमिक कक्षा और कक्षा पहली व कक्षा दूसरी के विद्यार्थियों को केवल 30 मिनट तक ऑनलाइन पढ़ाया जा सकेगा। राज्य के स्कूलों को पूर्व प्राथमिक कक्षा के विद्यार्थियों को सोमवार से शुक्रवार तक सिर्फ 30 मिनट ऑनलाइन पढ़ाना होगा। इसमें शिक्षा का स्वरूप अभिभावकों से संवाद और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करना होगा। प्रदेश सरकार के स्कूली शिक्षा विभाग ने लॉकडाउन शिथिल होने के बाद राज्य में स्कूल और पढ़ाई शुरू करने के संबंध में संशोधित दिशानिर्देश को लेकर शासनादेश जारी किया है। इसके मुताबिक कक्षा पहली और दूसरी के विद्यार्थियों को सोमवार से शुक्रवार तक हर दिन 30 मिनट तक दो सत्रों में ऑनलाइन पढ़ाना होगा। इसमें पहले सत्र में 15 मिनट तक अभिभावकों से संवाद और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया जाएगा। दूसरे सत्र के 15 मिनट में विद्यार्थियों को उपक्रम आधारित शिक्षा दी जाएगी। कक्षा तीसरी से कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों को हर दिन 45 मिनट तक दो सत्र में ऑनलाइन शिक्षा दी जाएगी। वहीं कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के विद्यार्थियों को हर दिन 45 मिनट तक चार सत्रों में ऑनलाइन पढ़ाना होगा। इससे पहले सरकार ने 15 जून को शासनादेश जारी कर कहा था कि कक्षा पहली और दूसरी के विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा नहीं दी जाएगी। उन्हें टीवी और रेडियो पर उपलब्ध शैक्षणिक कार्यक्रम दिखाया और सुनाया जाएगा। 

कक्षा 9 वीं-11वीं के अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों की होगी मौखिक परीक्षा

प्रदेश में शैक्षणिक वर्ष 2019-20 में राज्य बोर्ड के कक्षा 9वीं और कक्षा 11 वीं के अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों की चालू वर्ष में मौखिक पुनर्परीक्षा ली जाएगी। राज्य सरकार के स्कूली शिक्षा विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। इसके अनुसार कक्षा 9 वीं और कक्षा 11 वीं में अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों को 7 अगस्त तक स्कूल में बुलाकर अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मौखिक पुनर्परीक्षा ली जाएगी। इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को मौजूदा शैक्षणिक वर्ष 2020-21 में शुरू होने वाली कक्षा 10 वीं और कक्षा 12 वीं में प्रवेश दिया जाएगा। सरकार ने कहा है कि कोरोना की स्थिति के चलते पुनर्परीक्षा आयोजित करना संभव नहीं है। इसलिए कक्षा 9 वीं और कक्षा 11 वीं के असफल विद्यार्थियों की मौखिक परीक्षा लेने का फैसला लिया गया है। 
 

कमेंट करें
cCxFL