comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

कम सीटें मिलने का दर्द, उद्धव ने कहा - दशहरा सम्मेलन में बोलूंगा

कम सीटें मिलने का दर्द, उद्धव ने कहा - दशहरा सम्मेलन में बोलूंगा

डिजिटल डेस्क, मुंबई। कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य से इस्तीफा देने वाले चंद्रकांत रघुवंशी ने शिवसेना में प्रवेश कर लिया है। बुधवार को मातोश्री में शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में रघुवंशी ने पार्टी में प्रवेश किया। शिवसेना ने रघुवंशी को नंदूरबार की अक्कलकुवा सीट से उम्मीदवार दी है। पत्रकारों से बातचीत में उद्धव ने कहा कि शिवसेना ने संगठन की दृष्टि से आदिवासी बहुल नंदूरबार की अनदेखी की थी। लेकिन अब मैं खुद नंदूरबार में चुनाव प्रचार के लिए जाऊंगा। भाजपा और शिवसेना के बीच सीटों के बंटवारे में शिवसेना को कम सीटें मिलने को लेकर उद्धव ने कहा कि मैं अभी किसी विषय पर कुछ नहीं बोलूंगा। शिवसेना की परंपरा के अनुसार 8 अक्टूबर को दादर के शिवतीर्थ पर दशहरा सम्मेलन का आयोजन होगा। इसी सम्मेलन में मैं सभी मुद्दों पर अपनी बात रखूंगा।  

मैं नहीं कहूंगा कि आदित्य का चुनाव निर्विरोध हो

उद्धव ने कहा कि मेरे बेटे व युवासेना प्रमुख आदित्य ठाकरे को शिवसैनिकों ने स्वीकार कर लिया है। इसके लिए मैं सभी शिवसैनिकों को धन्यवाद देता हूं। आदित्य की पूरी जवाबदारी अब शिवसैनिकों की है। उद्धव ने कहा कि मैं किसी दल से यह नहीं कहने जाऊंगा कि वरली सीट पर आदित्य का चुनाव निर्विरोध करने के लिए उम्मीदवार नहीं उतारे। उद्धव ने कहा कि मेरे पिता बालासाहब ठाकरे ने मुझसे कहा था कि यदि आपको राजनीति के क्षेत्र में जाना है तो मैं आपको शिवसैनिकों पर थोपूंगा नहीं और रोकुंगा भी नहीं। यदि शिवसैनिकों ने आपको स्वीकार कर लिया तो आप आगे बढ़िए। 

बागियों को मानने की कोशिश 

टिकट नहीं मिलने से नाराज शिवसेना के बागी नेताओं की मातोश्री के बाहर लगातार भीड़ देखी जा रही है। बुधवार को मातोश्री के बाहर खड़े पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ने कहा कि भाजपा और शिवसेना की युति है। युति की सत्ता आएगी। सत्ता आने के बाद जिसको-जिसको मुझे अवसर देना संभव होगा। मैं उसको सत्ता में मौका दुंगा। 

कम सीटें मिलने का झलका दर्द

भाजपा के मुकाबले शिवसेना को कम सीटें मिलने को लेकर उद्धव ने भले ही कुछ नहीं बोला है लेकिन शिवसेना के मुखपत्र में पार्टी को कम सीटें मिलने का दर्द छलका है। शिवसेना ने परोक्ष रूप से भाजपा को बड़ा मान लिया। पार्टी ने कहा कि शिवसेना के बारे में यह मानना पड़ेगा कि लेना कम और देना ज्यादा हुआ। विधानसभा चुनाव में शिवसेना लगभग 125 सीटों पर लड़ेगी। भाजपा राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पार्टी बन चुकी है। कई पार्टियों के प्रमुख लोग भाजपा के चौखट पर बैठे हैं। उनकी मेहमाननवाजी के लिए शिवसेना ने अपना दिल बड़ा करके इसे स्वीकार किया है। 
 

कमेंट करें
kFVBr
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।