शहडोल: शहडोल में जर्जर सडक़ से होकर मरीज पहुंचते हैं मेडिकल कॉलेज

January 19th, 2022

डिजिटल डेस्क , शहडोल। मेडिकल कॉलेज का का संचालन शुरु हो चुका है। गाइनी व पीडियाट्रिक विभाग सहित अस्पताल शुरु हो चुका है। लेकिन विडंबना यह है कि मेडिकल कॉलेज तक पहुंचने के लिए मरीजों एवं लोगों को जर्जर व खस्ताहाल सडक़ से होकर गुजरना पड़ रहा है। चिकित्सा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण मेडिकल कॉलेज पहुंचने के लिए जर्जर सडक़ की ओर किसी का ध्यान नहीं है। न तो प्रशासनिक अधिकारी और न ही जन प्रतिनिधियों द्वारा इस ओर पहल की जा रही है। जबकि मेडिकल कॉलेज शुरु होने के पहले सडक़ ही दशा सुधर जानी चाहिए थी।
गौरतलब है कि पिछले कोरोना काल से मेडिकल कॉलेज संभाग भर के लोगों के लिए जीवन दायिनी रही है। कोरोना संक्रमण होने के बाद ओपीडी शुरु कराई गई थी। जहां बड़ी संख्या में मरीजों को लाभ मिल रहा है। अब चूंकि यहां का अस्पताल शुरु हो चुका है, ऐसे में मरीजों की संख्या लगाबार बढ़ रही है। वाहनों की खासकर एम्बुलेंस की आवा जाही बढ़ी है। ऐसे में जर्जर सडक़ मुसीबत बन रहे हैं।
जर्जर है पूरी सडक़
संभागीय मुख्यालय के न्यू बस स्टैण्ड से होकर कुदरी की ओर जानी वाली रोड ही एक मात्र रास्ता है, जहां से मेडिकल कालेज पहुंचा जा सकता है। करीब ३ किलोमीटर की सडक़ पूरी तरह खस्ता हो चुकी है। मेडिकल कॉलेज से करीब ५०० मीटर पहले से कुदरी चांपा रोड को चीरते हुए बायपास रोड बनी है। बुढ़ार व सोहागपुर थाना की ओर से आने वालों के लिए बायपास तो ठीक है, लेकिन शहर से जाने वाले तथा बायपास से मेडिकल तक जाने के लिए रास्ता गड्ढों व पत्थरों से भरा हुआ है। नई सडक़ बनाने के साथ चौड़ीकरण कराने की बहुत आवश्यकता है, क्योंकि इस रोड में वाहनों की संख्या भी बढ़ी। 
घायल हो चुके हैं कर्मचारी
मेडिकल कॉलेज पहुंच मार्ग की जर्जर हालत आए दिन हादसों का कारण बनती है। मौजूदा समय पर डॉक्टर्स व अन्य स्टॉफ इसी सडक़ से आना जाना करते हैं। कई बार वाहन हादसे का शिकार हो चुके हैं। कई चिकित्सक व स्टाफ गिरकर घायल हो चुके हैं। खराब सडक़ से वाहन हिचकोचे खाते हुए निकलते हैं। मरीजों को लेकर इस सडक़ से निकलना बड़ा मुश्किल काम होता है। लोगों ने प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा जताई है कि जल्द से जल्द मेडिकल कॉलेज पहुंच मार्ग की हालत में सुधार कराया जाए तथा चौड़ीकरण का कार्य कराया जाए। तभी करोड़ों की लागत से मिल रही मेडिकल सुविधा का वास्तविक लाभ लोगों को मिल सके।