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पीएमसी बैंक घोटाला : एचडीआईएल की जब्त संपत्तियों की शुरु होगी नीलामी 

पीएमसी बैंक घोटाला : एचडीआईएल की जब्त संपत्तियों की शुरु होगी नीलामी 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पंजाब और महाराष्ट्र कोआपरेटिव (पीएमसी) बैंक घोटाले की छानबीन कर रही मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा जल्द ही मामले में हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल) कंपनी के निदेशकों की संपत्तियों की जब्ती खत्म करेगी जिससे उन्हें नीलाम किया जा सके। केंद्रीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने इस सिलसिले में ईओडब्ल्यू को खत लिखा था। जिसके बाद संयुक्त पुलिस आयुक्त (ईओडब्ल्यू) राज्यवर्धन ने कहा कि अगले एक दो दिनों में अदालत में इससे जुड़ी अर्जी दे देंगे। ईओडब्ल्यू ने एचडीआईएल के निदेशकों की करीब 3500 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की हैं।

जब्त हुई हैं 3500 करोड़ रुपए की संपत्तियां

जांच एजेंसी और आरबीआई के इस कदम से खाताधारकों को बड़ी राहत मिलेगी। आरबीआई ने एक विशेषज्ञों की मदद से एचडीआईएल के निदेशकों की उन संपत्तियों का मूल्यांकन शुरू कर दिया है जिन्हें कर्ज लेते वक्त गिरवी रखा गया था। संपत्तियों के मूल्यांकन के बाद उनकी नीलामी के लिए अखबारों में विज्ञापन जारी किए जाएंगे। संपत्तियों की नीलामी के बाद हासिल रकम बैंक को दी जाएगी जिससे वह अपना कामकाज दोबारा शुरू कर सके और खाताधारकों को पैसे लौटा सके। आरबीआई द्वारा तैनात पीएमसी बैंक के प्रबंधक जेबी भोरिया ने ईओडब्ल्यू को खत लिखकर कहा था कि वह संपत्तियों की सैद्धांतिक जब्ती को खत्म करे जिससे उनकी नीलामी का रास्ता साफ हो सके। इसके बाद ईओडब्ल्यू ने इसकी मंजूरी के लिए अदालत में अर्जी देने का फैसला किया। 4355 करोड़ रुपए के इस घोटाले में ईओडब्ल्यू एचडीआईएल के निदेशकों राकेश वधावन उसके बेटे सारंग समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।     

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।