दैनिक भास्कर हिंदी: पुलिस ने भाजपा विधायक को आंदोलन से रोका, पालघर साधु हत्याकांड को एक साल हुआ पूरा 

April 16th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पालघर जिले में सालभर पहले हुए दो साधुओं और उनके ड्राइवर के हत्या के मामले में शुक्रवार को भाजपा विधायक राम कदम ने आंदोलन की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी। राम कदम ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि वे समर्थकों के साथ अपने खार स्थित घर से सुबह साढ़े आठ बजे निकलेंगे और सिद्धिविनायक मंदिर से महाराष्ट्र सरकार के द्वार तक न्याय लगाने की गुहार लगाने जाएंगे। लेकिन पुलिस ने उन्हें गुरूवार को ही नोटिस दे दिया था और कोरोना संक्रमण के नियमों का हवाला देते हुए घर से बाहर न निकलने की चेतावनी दी। शुक्रवार सुबह भी कदम के बंगले के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंच गए और उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में कदम ने कहा कि मामले में दिखावे के लिए कुछ आदिवासियों को फंसाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है लेकिन जो असली सूत्रधार हैं उन्हें सरकार बचा रही है। कदम ने कहा कि उन्होंने साधुओं की हत्या को लेकर एक वीडियो ट्वीट किया है जिसमें राकांपा का एक नेता नजर आ रहा है उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। कदम ने कहा कि वहां कुछ संस्थाएं हैं जो विदेशी चंदे से चल रहीं हैं मामले में उनकी भूमिका की जांच क्यों नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि हमें आंदोलन की इजाजत भले ही नहीं मिली लेकिन साधुओं को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्याय मिलने तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। बता दें कि 16 अप्रैल 2020 को लॉकडाउन के दौरान दो साधु अपने ड्राइवर के साथ गुजरात के सूरत इलाके में महंत श्री राम गिरी के अंतिम संस्कार के लिए जा रहे थे। लेकिन रास्ते में पालघल जिले के गढ़चिंचले गांव में उनकी गाड़ी को घेरकर हमला कर दिया गया।

मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन आरोपियों ने पुलिस के सामने भी साधुओं समेत तीनों लोगों की पिटाई जारी रखी जिससे उनकी मौत हो गई। हमले में 70 वर्षीय कल्पवृक्षगिरी महाराज चिकणे और सुशील महाराज (35) नाम के साधुओं के साथ उनके ड्राइवर नीलेश तेलगाडे की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने कुल तीन एफआईआर दर्ज कर 186 आरोपियों को गिरफ्तार किया था और 11 नाबालिगों को हिरासत में लिया था। विवाद के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी है। सीआईजी अब तक मामले में तीन आरोपपत्र दायर कर चुकी है।

उद्धव ने बुझा दी बाला साहेब की जलाई हिंदुत्व की मशालः दरेकर

हिंदुत्व के विचार भूल जाने के चलते ही शिवसेना पालघर साधुओं की हत्या के मामले पर ध्यान नहीं दिया। सत्ता के लिए शिवसेना की हिंदुत्व की धार भोथरी हो गई है। विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर ने यह कहते हुए सत्ताधारी पार्टी पर निशाना साधा। दरेकर ने कहा कि पालघर जिले में हुए साधु हत्याकांड मामले में जांच जल्द पूरी करने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए गए इसीलिए एक साल पूरा होने के बाद भी पीड़ितों को न्याय नहीं मिला। इसके विरोध में शुक्रवार को दरेकर मंत्रालय के पास स्थित महात्मा गांधी के पुतले के समीप धरने पर बैठे उन्होंने कहा कि हिंदुत्व के विचारों को लेकर बालासाहेब ठाकरे ने जो मशाल जलाई थी उनके बेटे ने उसे बुझा दी। दरेकर ने मांग की कि उद्धव ठाकरे को अपना मौन छोड़कर सरकार का प्रमुख होने के चलते अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए।