दैनिक भास्कर हिंदी: सवा करोड़ का सोना लेकर घूम रहा था पैदल, पुलिस ने 20 लाख में कर दिया मामला रफा-दफा

January 8th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। ट्रेन से उतरा तो सवा करोड़ का सोना उसके पास था। पुलिस को इसकी भनक लगी। 20 लाख की लेन-देन हुई और मामला रफा-दफा हो गया। 20 लाख का बंदरबाट हो गया। बिचौलिया अपना हिस्सा ले गया और पुलिस वाले अपना। रात में पार्टी भी मना ली गई। सूत्रों के अनुसार सोना गत 3 जनवरी को कोलकाता से नागपुर में ट्रेन से दोपहर करीब 2 बजे लाया गया। चर्चा है कि यह सोना तस्करी कर लाया गया था। सीसीटीवी कैमरे खंगालने पर सच्चाई सामने आ सकती है।

‘वह’ चुपचाप ट्रेन से उतरा और चल दिया
सूत्रों के अनुसार, गत 3 जनवरी को कोलकाता से दोपहर करीब 2 बजे आई ट्रेन से एक व्यक्ति लगभग 4 किलो 200 ग्राम सोना लेकर नागपुर पहुंचा। वह संतरा मार्केट से होते हुए गीतांजलि चौक तक पैदल पहुंचा। यहां पर वह ऑटो से जाने की तैयारी में था। इस बीच तहसील थाने के कुछ पुलिस कर्मियों ने गुप्त सूचना के आधार पर उसे पकड़ लिया। उसे वहां से तहसील थाना ले जाया गया। करीब सवा करोड़ का यह सोना तस्करी के जरिए नागपुर लाए जाने की चर्चा हो रही है। चार पुलिसकर्मी उस व्यक्ति को सोना सहित तहसील थाने में ले गए। 

सीसीटीवी कैमरे खोल सकते हैं राज 
सूत्रों के अनुसार, गीतांजलि चौक से लेकर तहसील थाने तक जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसके अलावा थाने में और सर्राफा दुकानदार के यहां भी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। यह कैमरे सारी सच्चाई बयां कर सकते हैं। इन कैमरों से यह बात सामने आ सकती है कि पुलिस किस व्यक्ति को गीतांजलि चौक से लेकर तहससील थाने और फिर सर्राफा दुकान में लेकर गई। बशर्ते यह कि सीसीटीवी कैमरों से किसी तरह की छेड़छाड़ न की गई हो। इस मामले को पुलिस आयुक्त डा. भूषणकुमार उपाध्याय ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त राहुल माकनीकर को जांच के आदेश दिए हैं। 

पुलिस के पहुंचने के पहले...
गत 3 जनवरी को कोलकाता से लाया गया
लगभग 4 किलो 200 ग्राम सोना लेकर उतरा
संतरा मार्केट से होते हुए गीतांजलि चौक  तक पैदल पहुंचा। 
यहां पर वह ऑटो से जाने की तैयारी में था।

‘मामा’ का नाम आया सामने
दोपहर 3 बजे के दरमियान उससे थाने में पूरी पूछताछ हुई। थाने के एक पुलिस अधिकारी को इसकी जानकारी दी गई। पुलिस ने सोना लाने वाले व्यक्ति का मोबाइल फोन अपने पास रख लिया था। पूछताछ के आधार पर जिस व्यापारी के नाम सोना लाया गया था, उसे थाने में बुलाया गया। इसके बाद माल लाने वाले को थाने में ही बिठा कर रखा गया और दोपहर करीब सवा 3 बजे सोना लेकर पुलिस उस व्यापारी के साथ ‘मामा’ के यहां ‘मांडवली’ (सेटिंग) के लिए पहुंचे। फिर व्यापारी और सोना लाने वाले को छोड़ने के लिए 5-5 मिनट के अंतराल पर पुलिस को पहली बार 10 लाख और फिर 10 लाख 80 हजार रुपए लाकर दिए गए। इसमें से 80 हजार रुपए पार्टी करने के लिए थे। यह पार्टी गांधीबाग की एक बार में दी गई थी। इस पार्टी में ‘मामा’ और अन्य लोग शामिल थे। "मामा' कहलाने वाले इस व्यक्ति को सर्राफा जगत के अधिकांश व्यापारी जानते हैं। उसे ऐसे मामले में मांडवली करने वाला बिचौलिया भी कहा जाता है। 

30 लाख रुपए की मांग की गई 
सर्राफा दुकान की दूसरी मंजिल पर कोलकाता से सोना लाने वाले व्यक्ति को ले जाया गया, उसके साथ उस समय कुछ पुलिस वाले भी वहां पर मौजूद थे। चर्चा है कि दुकान की दूसरी मंजिल पर मामले का निपटारा करने के लिए 30 पेटी यानी की 30 लाख रुपए की मांग की गई। बात करीब 20 लाख 80 हजार रुपए में तय हो गई। सूत्रों की मानें तो 80 हजार रुपए में एक बीयर बार में पार्टी हुई। पार्टी में ‘मामा’ भी शामिल था। तहसील थाना परिसर में सेंट्रल एवेन्यू रोड पर ही यह बार है। बिचौलिया की भूमिका निभाने वाले ‘मामा’ नामक व्यक्ति के हिस्से में 7 लाख रुपए आए और बाकी रकम कुछ पुलिस वाले लेकर गए। जिस दिन पार्टी रखी गई थी, उसी दिन मामले को रफा -दफा करने के लिए शाम करीब 4 से 4.30 बजे के दरमियान रकम दी गई और रात के समय पार्टी रखी गई थी।