दैनिक भास्कर हिंदी: अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी, मृतक की पत्नी सहित तीन आरोपी गिरफ्तार

October 7th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। कोराड़ी के सुरादेवी गांव से खापरखेड़ा जाने वाले मार्ग पर अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। एम.एम.एस कंपनी रोड में टेकड़ी के पास गड्ढे में गत दिनों जलाया गया शव की कोराड़ी पुलिस शिनाख्त करने में कामयाब हो गई है। यह पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर था। मृतक चंद्रपुर का शराब माफिया बालू मेश्राम है। अवैध प्रेम संबंध के चलते उसकी पत्नी रानी मेश्राम ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी हत्या की। कोराडी पुलिस ने आरोपी रानी बालू मेश्राम, उम्र 30 साल के कथित प्रेमी लाेकेश भिसारे उम्र 30 साल, जरीपटका नागपुर और पवन आडे उम्र 22 साल यशोधरा नगर निवासी को गिरफ्तार कर लिया गया। वारदात में शामिल अन्य कुछ आरोपियों की तलाश पुलिस कर रही है। पता चला है कि बालू मेश्राम चंद्रपुर में बडी मात्रा में शराब सप्लाय करता था। लाेकेश भिसारे और पवन आडे उसके लिए काम करते थे। बालू को अपनी पत्नी और लोकेश के अवैध संबंध के बारे में पता चल चुका था। लोकेश ने बालू मेश्राम की हत्या की योजना बनाई। उसने अपने दोस्तों को इसमें शामिल कर लिया। वह जानता था कि बालू को वह अकेला नहीं मार सकता है। बालू को चंद्रपुर से चार घंटे का सफर तय कर काेराडी क्षेत्र में शव लाकर सुनसान जगह पर गड्ढे में जला दिया गया। 

प्रेम संबंध के चलते पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर उतारा मौत के घाट 

बालू मेश्राम चंद्रपुर निवासी को दो बच्चे हैं। उसकी पत्नी रानी की मौजूदगी में बालू की हत्या की गई। हत्या करने वालों में आरोपी लाेकेश भिसारे, पवन आडे के अलावा अन्य कुछ और आरोपी शामिल हैं। घटना के दिन जब देर रात बालू अपने घर में पहुंचा, तब लाेकेश और उसके साथी वहां मौजूद थे। यह देखकर वह आगबबूला हो गया। बालू अपनी पत्नी के साथ मारपीट करने लगा। यह देखकर आरोपी लाेकेश और उसके साथियों ने बालू पर घातक शस्त्र से हमला कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस उपायुक्त राहुल माकणीकर, कोराड़ी के थानेदार गणेश ठाकरे व उनके सहयोगी कर्मचारी पीएसआई मुंडे, एएसआई नांदगाय, हवलदार इसराइल, नायब सिपाही मिश्रा, शेषनाथ ठाकुर व अन्य पुलिस कर्मियों ने अहम भूमिका रही। इस हत्या को सुलझाने के लिए पुलिस ने 5 दस्ते बनाए थे।

हत्या के समय रानी मौजूद थी

हत्या के बाद उसका शव सफेद रंग की कार में कंबल और चटाई में लपेटकर उसे चंद्रपुर से नागपुर लाया गया। यह आइडिया लोकेश ने दिया था। लोकेश को कोराडी के सुनसान ठिकानों के बारे में अच्छी तरह से पता था। वह जानता था कि चंद्रपुर पुलिस के पास जब तक रानी नहीं जाएगी, तब तक पुलिस को बालू की बारे में कुछ पता नहीं चल पाएगा। बालू वैसे भी चंद्रपुर पुलिस का वांटेड अपराधी था। आरोपियों ने बालू का शव कोराडी में लाने के बाद सुरादेवी गांव से खापरखेडा जाने वाले मार्ग पर एमएमएस कंपनी के पास टेकडी में एक गड्ढे के अंदर कंबल और चटाई के साथ जला दिया। 3 अक्टूबर को सुबह कोराडी पुलिस को सूचना मिली कि एमएमएस कंपनी के पास एक गड्ढे में किसी व्यक्ति को जला दिया गया है। कोराडी के थानेदार गणेश ठाकरे सहयोगियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उस जगह पर शव जला पडा था। सिर्फ थोडा सा चेहरा नहीं जला था। घटनास्थल पर पुलिस को कंबल और चटाई का जला टुकडा मिला था। पुलिस ने अनुमान लगा लिया कि मृतक व्यक्ति नागपुर का होता, तो कोई न कोई संपर्क जरुर करता। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 

ऐसे सुलझी हत्या की गुत्थी

कोराडी पुलिस के लिए यह घटना यानी की ब्लाइंड मर्डर सबसे बडी चुनौती था। पुलिस ने अपने खबरियों को इस कार्य पर लगाया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इस बीच पुलिस को बस इतना पता चला कि 3 अक्टूबर की सुबह करीब 5.30 बजे उक्त घटनास्थल के आस-पास एक सफेद रंग की कार खडी थी। पुलिस उस सफेद कार की तलाश के लिए कई जगह के सीसीटीवी कैमरे खंगाले, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। कोराडी के थानेदार ठाकरे को चंद्रपुर के एक बार के अंदर से जानकारी मिली तो उन्हें इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्त्थी सुलझती नजर आने लगी। 

बार से खुला राज 

मुख्य आरोपी लाेकेश भिसारे ने बालू मेश्राम की हत्या करने के बाद चंद्रपुर की एक बार में बैठकर शराब पी रहा था। वहां पर पुलिस के खबरियों को उस पर शक हुआ। पुलिस ने पता लगा लिया कि वह बालू मेश्राम के लिए काम करता था, बालू मेश्राम चंद्रपुर पुलिस का वांटेड अपराधी है। बालू मेश्राम गायब हो गया है। कहते हैं कि अपराधी कितना भी शातिर हो, कोई न कोई गलती जरुर करता है। कोराडी पुलिस ने खबरी की बात को ध्यान में रखकर सबसे पहले बालू मेश्राम की पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस को बालू मेश्राम की हत्या की गुत्थी सुलझाने में मदद मिली।

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