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डंडा नहीं दिया तो गुस्साए आरोपियों ने कर दी पूरे परिवार की पिटाई, चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस फिर भी अपराधियों के हौसले बुलंद

डंडा नहीं दिया तो गुस्साए आरोपियों ने कर दी पूरे परिवार की पिटाई, चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस फिर भी अपराधियों के हौसले बुलंद

डिजिटल डेस्क, नागपुर। किसी और को मारने के लिए डंडा नहीं देने से बिफरे आरोपियों ने पूरे परिवार पर हमला बोल दिया। महिला समेत पांच लोगों की पिटाई की। एमआईडीसी थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है। दरअसल हिंगना रोड स्थित अमर नगर निवासी तरुण रामेश्वर शाहू (30) सोमवार शाम सात बजे घर के आंगन में खड़ा था। अचानक उसके घर के सामने ही दो मोटरसाइकिलों में भिड़ंत हो गई। दोनों चालकों में जमकर विवाद होने लगा। इस दौरान दोनों ने तरुण के आंगन में पड़े डंडे उठाए और एक दूसरे की पिटाई करने लगे, जिससे डंडे टूट गए। इसके बाद और डंडे उठा रहे थे कि तरुण ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद एक मोटरसाइकिल चालक तो निकल गया, लेकिन दूसरे मोटरसाइकिल पर सवार योगेश मेश्राम (22), विपिन यादव और अशोक पांडे (तीनों अमर नगर निवासी) तरुण से ही भिड़ गए। बहसबाजी के बीच उसकी पिटाई कर दी। 

दूसरी बार परिवार पर हमला

बीच-बचाव करने दौड़े उसके चचेरे भाई विजय शाहू की भी पिटाई की। यह देख शाहू परिवार के अन्य सदस्य दौड़े तो आरोपी भाग निकले। इसके कुछ देर बाद फिर पांच-छह साथियों के साथ आए और शाहू परिवार पर हमला बोल दिया। इस दौरान तरुण की भाभी लेखनी छगन शाहू (36), उसका भाई छगन शाहू (35) और  चाचा गिरीधर शाहू (45) की पिटाई की है। तनाव बना रहा। प्रकरण दर्ज किया गया है। जांच जारी है। 

घर में घुसकर छीनी नकदी

उधर एक मामले में घर में घुसकर चार लोगों ने एक व्यक्ति पर हमला किया। उसे घायल करने के बाद नकदी भी छीन ली। हुडकेश्वर थाने में आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। न्यू नरसाला रोड स्थित इंद्र नगर निवासी हरिभाऊ नानोटकर (53) सोमवार की शाम पुत्र अमर (28) और उसके मित्र संदीप भवणजी मस्के (32) के साथ घर में ही बैठा हुआ था। अचानक इंद्र नगर में ही रहने वाला कुणाल पांडुरंग उज्जैनकर (31) अपने साथी मनीष जलगांवकर, मनोज फरांडे और कार्तिक के साथ आ धमका। सभी शराब के नशे में थे। चारों ने जमकर हंगामा किया और हरिभाऊ के जेब से 15 हजार रुपए की नकदी छीनकर भाग गए।  बीच-बचाव करने संदीप दौड़ा, तो चाकू से उसे घायल कर दिया। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पूर्व आरोपियों में से एक का एक्सिडेंट हुआ था। इसके लिए आरोपी संदीप को जिम्मेदार मान रहे थे। इस कारण उन्होंने घर में घुसकर हमला बोला। प्रकरण दर्ज िकया है। जांच जारी है। 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।