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गड़चिरोली के सुरजागड़ पहाड़ी में बनेगा पुलिस उपकेंद्र, वनविभाग ने दी 5 हेक्टेयर वनभूमि

गड़चिरोली के सुरजागड़ पहाड़ी में बनेगा पुलिस उपकेंद्र, वनविभाग ने दी 5 हेक्टेयर वनभूमि

डिजिटल डेस्क, गड़चिरोली।  राज्य के गृह मंत्रालय ने आदिवासी बहुल और अतिपिछड़े गड़चिरोली जिले के विकास में अहम भूमिका निभानेवालेे एकमात्र सुरजागढ़ परियोजना की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया। इस समय लौह उत्खनन कार्य में नक्सलियों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए पहाड़ी क्षेत्र में पुलिस उपकेंद्र के निर्माण को हरी झंडी प्रदान की है। इस उपकेंद्र के लिए वन मंत्रालय ने भी पांच हेक्टेयर वनभूमि देने का निर्णय लिया है। फलस्वरूप, अब जल्द ही सुरजागढ़ पहाड़ी में बंद पड़ा लौह उत्खनन का कार्य पुन: एक बार आरंभ होने की उम्मीदें बढ़ गयी है।

जानकारी के अनुसार कंपनी के अधिकारियों ने सुरजागढ़ पहाड़ी में लौह उत्खनन कर कच्चे लोहे पर प्रक्रिया करने चामोर्शी तहसील के कोनसरी ग्राम में कारखाना आरंभ करने का निर्णय लिया है। आगामी सितंबर माह में इस कारखाने का राज्य के मुख्यमंत्री देंवेंद्र फडणवीस के हाथों भूमिपूजन किए जाने की संभावना है।  राज्य सरकार ने लायड्स एंड मेटल्स एनर्जी लिमिटेड कंपनी को एटापल्ली तहसील की सुरजागढ़ पहाड़ी में लौह उत्खनन के लिए लीज प्रदान की है। मात्र वर्ष 2017  में नक्सलियों द्वारा लौह उत्खनन पर तैनात करीबन 79  ट्रकों को नक्सलियों ने आग के हवाले कर दिया था।

घटना के बाद उत्खनन का कार्य पूरी तरह बंद कर दिया गया था, जिसके बाद पुलिस की सुरक्षा में यह कार्य पुन: आरंभ किया ।  क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सुरजागढ़ पहाड़ी पर पुलिस उपकेंद्र आरंभ करने की योजना सरकारी स्तर पर  काफी समय से विचाराधीन थी । अब इसे मंजूरी मिलने के बाद उपकेंद्र में पुलिस अधिकारियों व जवानों के लिए निवासस्थान के अलावा प्रशस्त कार्यालय, आरसीसी बैरेक, मोर्चा समेत अन्य भवनों का निर्माणकार्य किया जाएगा। पुलिस के अतिरिक्त दलों को इस उपकेंद्र में तैनात कर सुरजागढ़ पहाड़ी में लौह उत्खनन का कार्य किया जाएगा। ऐसे में उद्योगविहीन गड़चिरोली जिले में इस परियोजना के माध्यम से क्षेत्र के बेरोजगारों को रोजगार प्राप्त हो सकता है। 

झिंगानुर में भी बनेगा प्रशस्त पुलिस उपकेंद्र 
सिरोंचा तहसील के ग्राम झिंगानुर में पुलिस विभाग ने पुलिस मदद केंद्र आरंभ किया है, लेकिन क्षेत्र के गांवों की संख्या के मद्देनजर यहां पुलिस उपकेंद्र की आवश्यकता है। इस आवश्यकता के मद्देनजर गृह मंत्रालय ने यहां पुलिस उपकेंद्र आरंभ करने का निर्णय लिया है। इस उपकेंद्र के लिए वन मंत्रालय ने 0.97  हेक्टेयर वनभूमि देने का ऐलान किया है। 

गड़चिरोली के लिए 11.96 करोड़ की निधि मंजूर 
केंद्र व राज्य सरकार ने वर्ष 2016-17  से नक्सलग्रस्त क्षेत्र की सुरक्षा के लिए विशेष योजना आरंभ की है। योजना के तहत वर्ष 2019-20 के लिए दोनों सरकारों ने 11  करोड़ 96  लाख रुपये की निधि मंजूर की है। इसमें केंद्र सरकार 7.18 करोड़ और राज्य सरकार का  4. 78 करोड़ का हिस्सा रहेगा। इस निधि के जरिए नक्सली हिंसाचार में शहीद हुए पुलिस जवानों के परिजनों को सानुग्रह अनुदान, आत्मसमर्पित नक्सलियों को आर्थिक सहायता, पुलिस अधिकारियों व जवानों का बीमा, जनसंपर्क कार्यक्रम, प्रचार कार्य आदि प्रकार के कार्य किए जाएंगे। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।