comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

12 एकड़ में उगाया 30 लाख रुपए का आलू, सात से दस गुना तक हुई उपज

12 एकड़ में उगाया 30 लाख रुपए का आलू, सात से दस गुना तक हुई उपज


डिजिटल डेस्क छिंदवाड़ा। अतिवृष्टि से फसलों के नुकसान की खबरों के बीच परासिया ब्लॉक से खेती को लाभ का धंधा बनाने की सुखद बात भी सामने आ रही है। यहां के किसानों ने उद्यानिकी में कमाल कर दिखाया है। विपरीत परिस्थितियों में रिधोरा के किसान मनोज पवार ने अपने दो भाइयों के साथ 12 एकड़ के रकबे में सात से दस गुना तक आलू की पैदावार ली है। अपने खेत में डेढ़ सौ से दो सौ ग्राम तक के आलू की उपज ने किसान को मालामाल कर दिया है। महज 75 से 85 दिनों में आलू की खेती कर किसान ने करीब 30 लाख रुपए तक मुनाफे की स्थिति बनाई है। खेत में ही उनका आलू 40 रुपए प्रति किलो के भाव में बिका है। अपने खेत में उन्होंने पंजाब का कुफरी ज्योति किस्म का आलू लगाया है।
कितनी लागत: किसान मनोज पवार ने 10 सितंबर को 12 एकड़ में आलू की बोवनी की थी। प्रति एकड़ करीब 15 क्विंटल बीज लगाया गया था। एक एकड़ में लागत 85 से 90 हजार रुपए तक आई। जिसमें बीज, खाद, दवा, सिंचाई व अन्य खर्च शामिल हैं।
कितनी उपज: 75 से 85 दिनों में कम से कम 7 गुना उपज के हिसाब से प्रति एकड़ करीब 105 क्विंटल आलू की उपज हुई। फसल तैयार होते ही व्यापारियों ने खेत में आलू 40 रुपए प्रति किलो के भाव से खरीदा। तमाम खर्च निकालने के बाद 27 से 30 लाख रुपए तक अनुमानित शुद्ध लाभ की स्थिति है।
कांटे्रक्ट फार्मिंग भी...तीन कंपनियों से अनुबंध:
परासिया ब्लॉक में आलू की खेती का रकबा इस वर्ष 36 सौ हेक्टेयर तक पहुंच गया है। यहां के किसान कांट्रेक्ट फार्मिंग भी कर रहे हैं। उमरेठ, रिधोरा, कचराम, बीजकवाड़ा, साजवा, मोरडोंगरी सहित अन्य गांवों के करीब 700 किसानों ने पेप्सिको, मैकेन और आईटीसी सहित अन्य कंपनियों से अनुबंध के आधार पर आलू की खेती कर रहे हैं।
इनका कहना है...
रिधोरा के किसान मनोज पवार ने विभाग की सलाह अनुसार आलू की खेती की है। किसान ने ड्रिप प्रणाली व मिनी स्प्रिंकलर का उपयोग कर उत्पादन बढ़ाया है। उपज के साथ ही रेट अच्छे होने से किसान की आमदनी में इजाफा हुआ है।
- सालिकराम चौकसे, वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी परासिया

कमेंट करें
U5A6E
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।